संसद के सेंट्रल हाल में जीएसटी लांचिंग की तुलना आजादी के जश्न से किये जाने की पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि आजादी के जश्न की नकल करना दुखद है।
नरेन्द्र मोदी बेहतरीन प्रधानमंत्री तो हो सकते हैं, लेकिन वह नेहरू नहीं हो सकते। नेहरू की स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी एक ऐतिहासिक पृष्ठभूमि है, जो बलिदान और त्याग से जुड़ी है।
उन्होंने कांग्रेस और उन सभी दलों की सराहना की जिन्होंने केंद्र सरकार के आयोजन में शिरकत नहीं की। उन्होंने इसे उनका साहसपूर्ण कदम करार दिया।
हरीश रावत कांग्रेस भवन में एक पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से देश में कई अहम कानून पास हुए। इनमें अस्पृश्यता कानून प्रमुख है, जो सामाजिक क्रांति का उद्घोष था। इसके बाद पंचायती राज कानून, मनरेगा, आरटीआई जैसे महत्वपूर्ण कानून आए। बांग्लादेश का निर्माण हुआ।