प्रदेश में राजनीतिक एवं आर्थिक स्थायित्व के लिए मैंने कुछ मीठे और कड़वे फैसले लिए हैं। इनमें से कुछ फैसले पार्टी की इच्छा के विपरीत भी थे। यह सब इसलिए किया गया, ताकि कोई यह न कहे कि हरीश रावत सरकार कर्मचारियों का वेतन भी नहीं दे पा रही है। ये बातें मुख्यमंत्री हरीश रावत ने नगर निगम सभागार में उत्तराखंड अधिकारी, कर्मचारी शिक्षक संघर्ष मोर्चा के सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि कहीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सामने सबसे बड़ा सवाल कार्य संस्कृति को सुधारने का है। जनता में यह विश्वास पैदा करना होगा कि सिस्टम की प्राथमिकता जनसाधारण का हित है। स्थिति यह है कि जनसमर्थन न कर्मचारियों के साथ है न सरकार के।
सरकार प्रदेश में विश्वास का वातावरण बनाने का प्रयास कर रही है। सरकार ने कर्मचारियों के सभी लंबित मुद्दों को सुलझाने का प्रयास किया है, यह कोशिश की जा रही है कि सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों को पहले साल ही लागू कर दिया जाए। वहीं, विसंगतियों को तय समय में दूर किया जाए।
पदोन्नति में आरक्षण समाप्त करने की मांग
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में आर्थिक स्थायित्व कर्मचारियों के हित में है, इसके लिए जनता का विश्वास अर्जित करना जरूरी है। कहा कि हमने जनता पर प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से 600 से 700 करोड़ रुपये का आर्थिक भार डाला है, लेकिन जनता को यह मालूम है कि ऐसा करना अति आवश्यक है। यही वजह है कि जनता ने इसका विरोध नहीं किया।
विशिष्ट अतिथि वन एवं खेल मंत्री दिनेश अग्रवाल ने पदोन्नति में आरक्षण के मसले पर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया। सम्मेलन में शिक्षक संघर्ष मोर्चा की ओर से पदोन्नति में आरक्षण समाप्त करने की मांग की गई।
सम्मेलन में विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन, मोर्चा के अध्यक्ष ठाकुर प्रहलाद सिंह, रमेश रमोला, पूर्णानंद नौटियाल, डीसी नौटियाल, वीपी नौटियाल, एसपी देवरा, पंचम सिंह बिष्ट, अरुण पांडे, शक्ति प्रसाद भट्ट, शैलेंद्र सिंह, सोहन माजिला, नरेंद्र सिंह बिष्ट आदि मौजूद रहे।
सीएम बोले, नौ महीने कैसे रह गए गर्भ में
सीएम ने कहा कि हर किसी को हर काम की
जल्दी है। अधिकारी चाहते हैं वह मुख्य सचिव बन जाते, विधायक कहते हैं
मंत्री बनाओ। हर किसी की जल्दी देख सोचता हूं कि पता नहीं नौ महीने गर्भ
में कैसे रह गए।
आप हमारा हुनर भी तो देखिए
समारोह में सीएम ने कहा कि ऐसा काम होना चाहिए कि हर व्यक्ति को यह लगे कि उनके अधिकारों की रक्षा की गई है। आरक्षण के मसले पर कोई न कोई हल निकाल लिया जाएगा, सीएम ने कहा कि कर्मचारी उनका हुनर भी तो देखें।