आदेश निकालकर विधानमंडल का अपमान किया
चार जिलों में जिला पंचायत अध्यक्षों के आरक्षण को नियमों के विपरीत तय किया गया। पंचायती राज एक्ट 2016 में स्पष्ट है कि एक से अधिक नामांकन किए जाने की स्थिति में नामांकन खारिज होगा, लेकिन चुनाव आयोग ने मतदान की अनुमति देने के लिए विशेष आदेश निकाला। इससे साफ है कि आयोग एक्ट से भी ऊपर हो गया। उसने इस तरह का आदेश निकालकर विधानमंडल का अपमान किया है।
उन्होंने पुलिस और प्रशासन पर भी निशाना साधते हुए कहा, पुलिस और प्रशासन ने सत्तारुढ़ दल के लिए वोट जुटाने का काम किया है। राज्य में कई क्षेत्रों में पुलिस और प्रशासन के बल पर चुने हुए जनप्रतिनिधियों का अपहरण करके परिणाम जबरन अपने पक्ष में कराए गए। नैनीताल में घटी घटना को सारे देश में देखा है कि कैसे लोग जबरदस्ती हथियारों के बल पर मतदाताओं को उठाकर ले गए।
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धारचूला में सवर्ण महिला को अनुसूचित जाति सीट पर लड़ाया
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा, धारचूला में नेपाली, भारतीय नागरिक नहीं हैं फिर भी नेपाल की सवर्ण महिला को अनुसूचित जाति सीट पर चुनाव लड़ाया गया। सब जानते हैं कि जातियां जन्म से होती हैं, विवाह से नहीं होती। इसके अलावा रुद्रप्रयाग में भी चुनाव में बड़ी साजिश हुई है। वहां, मुकाबला बराबरी का न हो जाए इसके लिए अंतिम समय में पैन ही बदल दिया गया।