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उत्तराखंड में मतगणना को लेकर टेंशन में मुख्यमंत्री हरीश रावत

Thu, 02 Mar 2017 08:31 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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सीएम हरीश रावत - फोटो : AmarUjala
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विधानसभा चुनाव में पोस्टल बैलेट को लेकर बेहद सतर्क मुख्यमंत्री हरीश रावत काउंटिंग को लेकर कुछ आशंकित नजर आ रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि पार्टी के लिए जितना महत्वपूर्ण मतदान रहा, उतनी ही अहम मतगणना है। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय को सलाह दी कि वह मतगणना के दौरान उन्हीं नेताओं और कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपे जो चपल होने के साथ इसमें रूचि रखते हों।

मुख्यमंत्री बृहस्पतिवार को कांग्रेस भवन में पार्टी नेताओं की एक सभा में बोल रहे थे। प्रदेश पदाधिकारियों की इस बैठक में पहुंचे पार्टी प्रत्याशी मंचासीन थे। बैठक में पार्टी के चुनाव पर्यवेक्षकों को भी आमंत्रित किया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि पोस्टल बैलेट की काउंटिंग एक आर्ट है।
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इस पर खास निगाह रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस बार के चुनावी नतीजे 2014 के जुमलों से नहीं बल्कि रोड मैप पर तय होंगे। कांग्रेस ने ढाई साल में जो शुरुआतें कीं, उन्हें आगे बढ़ाने के लिए पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बना रही है। सीएम ने कहा कि इस बार मतदान और मतगणना में बहुत फासला है। लेकिन व्यवस्था चलती रहती है।

राजनीति भी गतिशील रहनी चाहिए। उन्होंने घटनाक्रमों को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने भी कहा कि कांग्रेस दो तिहाई बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। पार्टी को जनता का पूरा आशीर्वाद मिलेगा। पार्टी उपाध्याक्ष जोत सिंह बिष्ट ने कार्यक्रम का संचालन किया। 
 
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गेहूं बंद कर दिया, चीनी बंद करने वाले हैं

harish rawat
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि केंद्र सरकार ने एपीएल कोटे का गेहूं बंद कर दिया है और अब वह राशन की चीनी भी बंद करने वाली है। उन्होंने केंद्र पर बीपीएल के मिट्टी तेल का कोटा भी कम करने का आरोप लगाया। उन्होंने महंगाई को लेकर भी केंद्र पर निशाना साधा।

राजभवन तक मार्च टला, सिर्फ ज्ञापन सौंपा
पार्टी ने भाजपा और केंद्र सरकार के विरोध में राजभवन तक मार्च रखा था। प्रशासन से मार्च करने की अनुमति मिल भी गई थी। मगर मुख्यमंत्री हरीश रावत की मनाही के बाद पार्टी ने सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपकर अपने विरोध का इजहार किया। पार्टी नेताओं की सभा में सीएम ने कहा कि राजभवन तक मार्च करेंगे तो भाजपा को फिर आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत करने का बहाना मिल जाएगा।

इसके बाद पार्टी नेता जोत सिंह बिष्ट, मथुरा दत्त जोशी, भुवन कापड़ी, पृथ्वी राज चौहान व राजपाल सिंह बिष्ट ने सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में रसोई गैस की कीमत बढ़ाने, भाजपा का चुनाव में भारी खर्च करने, गुरमेहर कौर का अपमान करने व मानव तस्करी मामले में कार्रवाई की मांग की गई।

अनुमति के लिए छूटे पसीने 
कांग्रेस सरकार में ही राजभवन तक मार्च करने की अनुमति लेने के लिए कांग्रेसियों के पसीने छूट गए। आचार संहिता को लेकर चौकस प्रशासन ने पहले तो अनुमति देने से साफ मना कर दिया। काफी दौड़-धूप करने के बाद प्रशासन ने अनुमति दी।
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