उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी ने हाईकोर्ट में सोमवार को याचिका दायर कर 27 मार्च को प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू करने को चुनौती दी। साथ ही उसे खत्म करने की भी गुजारिश की।
इस मामले में केंद्र सरकार की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता राकेश थपलियाल ने कहा कि इस पर एडिशनल सॉलिसिटर जनरल भी पक्ष रखेंगे। इस आधार पर कोर्ट ने उन्हें एक दिन का समय देते हुए मंगलवार को सुनवाई के लिए तिथि नियत की है।
उधर, कांग्रेस के ही बागी विधायकों ने भी सदस्यता खत्म करने के स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल के आदेश को चुनौती दी। इस प्रकरण पर भी मंगलवार को सुनवाई की संभावना है।