गर्दन की चोट से एम्स में भर्ती उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत का ऑपरेशन भले ही टल गया हो, लेकिन ऑपरेशन भाजपा एम्स में ही हुआ।
एम्स के प्राइवेट वार्ड के रूम नंबर 401 में रेखा आर्य की घर वापसी की रणनीति बनी। मुख्यमंत्री ने वहीं से इस ऑपरेशन को अंजाम तक पहुंचाया।
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष यशपाल आर्य भी इस ऑपरेशन की अहम कड़ी हैं। राजनीति की गोट बिछाने में माहिर मुख्यमंत्री ने भाजपा को उसके गढ़ में ही घेरा है।
रेखा आर्य सोमेश्वर सीट पर भाजपा की मजबूत उम्मीदवार हो सकती थीं।
रेखा के निर्दलीय लड़ने BJP को हुआ था फायदा
2012 के विधानसभा चुनाव में रेखा के निर्दलीय लड़ने और बगावती तेवरों ने भाजपा को जीत और कांग्रेस को तीसरे स्थान पर पहुंचाया था।
रेखा कई दिनों से कांग्रेस में वापसी के संकेत दे रही थीं लेकिन भाजपा के रणनीतिकारों को इस ऑपरेशन की भनक तक नहीं लगी।
रेखा आर्य जब कांग्रेस में थी तब भी इन्हें हरीश रावत खेमे का ही माना जाता था। दरअसल, रेखा के पति गिरधारी लाल साहू रावत के नजदीकी रहे हैं।
उत्तराखंड में हरीश रावत की ताजपोशी और फिर लोकसभा चुनाव में रेखा आर्य को भाजपा से टिकट न मिलना कांग्रेस में वापसी के दो बड़े कारण बने हैं।
फिर से थामा पुरानी पार्टी का दामन
रेखा आर्य पिछले दस दिन से मुख्यमंत्री के संपर्क में थीं। रेखा को जब कांग्रेस से सोमेश्वर सीट से उम्मीदवारी का भरोसा मिल गया तो उन्होंने फिर से पुरानी पार्टी का दामन थाम लिया।
सोमेश्वर सीट पर उपचुनाव में मुख्यमंत्री की पहली पसंद सांसद का चुनाव हारे प्रदीप टम्टा थे लेकिन टम्टा के इंकार के बाद कांग्रेस को वहां से एक मजबूत उम्मीदवार की तलाश थी।
कांग्रेस ने रेखा को पार्टी में लाने का काम मुख्यमंत्री पर छोड़ा गया और उन्हें उसमें सफलता मिली।
रेखा आर्य भाजपा में थीं जरूर, लेकिन लोकसभा चुनाव में मजबूत दावेदारी के बाद जब टिकट नहीं मिला तो उनकी नाराजगी सामने आने लगी थी।
रेखा को थी भाजपा से आस
अभी भी रेखा को आस थी कि उपचुनाव में सोमेश्वर सीट खाली होने पर भाजपा एकतरफा उनके नाम की घोषणा कर देगा।
उन्हें जब यह लगने लगा कि लोकसभा की तरह ही विधानसभा चुनाव में भी भाजपा किसी अन्य को टिकट दे सकती है तो उन्होंने कांग्रेस से नजदीकी बढ़ाई।
उपचुनाव में कांग्रेस भाजपा से एक अन्य सीट छीनना चाहती है। ऐसे में सोमेश्वर सीट पर रेखा आर्य की उम्मीदवारी भाजपा को मुश्किलों में डालेगी।
मुख्यमंत्री ने एम्स में ही पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को बुलाकर रेखा के शामिल होने की घोषणा भी करा दी।
रेखा की टिकट की दावेदारी को मजबूती देने के लिए प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय के अलावा कुमाऊं के बड़े नेताओं में विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, पूर्व अध्यक्ष यशपाल आर्य और पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा की मुहर भी लगवा दी।
शाम को सभी नेता रेखा आर्य को लेकर अंबिका सोनी से मिले।