विधायक उमेश के कैंप कार्यालय पर की थी फायरिंग
विधायक उमेश कुमार के कार्यालय पर आरोपी जतिन चौधरी ने ही अपने साथियों के साथ फायरिंग की थी। उसने पूछताछ में कबूला है कि एक साल पहले उत्तराखंड के लोगों के बारे में उसने भला बुरा कहते हुए वीडियो बनाकर वायरल किया था। तब से विधायक से उसकी रंजिश चल रही थी। रंजिश के चलते ही उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर बीती 26 फरवरी की सुबह रुड़की में विधायक उमेश कुमार के कैंप कार्यालय पर फायरिंग की थी।
जतिन पर देहादून, हरिद्वार के थानों में 11 मुकदमे हैं दर्ज
थानाध्यक्ष रविंद्र कुमार ने बताया कि आरोपी जतिन चौधरी के खिलाफ कुल 11 मुकदमे दर्ज हैं। रानीपुर कोतवाली में हत्या का प्रयास, बलवे का एक, ज्वलापुर कोतवाली में बलवे मारपीट, आर्म्स एक्ट में एक, देहरादून के बसंत विहार थाने में हत्या का प्रयास, धमकी का एक, राजपुर थाने में हत्या के प्रयास का एक, कोतवाली नगर देहरादून में महिला के खिलाफ अभद्रता आदि में एक, पथरी थाने में बलवा, मारपीट, एससी-एसटी एक्ट, धमकी-गाली गलौज, शस्त्र अधिनियम के अलावा हत्या का प्रयास और अब हत्या, एससी-एसटी एक्ट आदि में छह मुकदमे दर्ज हैं। अन्य आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस टीमों को दिया जाएगा इनाम
एसएसपी ने बताया कि पुलिस की 10 टीमों में सीओ लक्सर नताशा सिंह, एसओ पथरी रविंद्र कुमार, एसआई विपिन कुमार, रोहित कुमार, अजय कुमार, मुख्य आरक्षी विरेन्द्र पंवार, आरक्षी जितेंद्र पुंडीर, नवीन कुमार, रविदत्त भट्ट, दीपक चौधरी, मुकेश चौहान, सुखविंदर सिंह, नारायण राणा को शामिल किया गया था। सभी ने तय समय के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी की है। टीम को उचित इनाम दिया जाएगा।
गंभीर घायल बनकर बचना चाहता था आरोपी
संघर्ष के दौरान आरोपी जतिन चौधरी के सिर व अन्य जगहों पर चोटें आई थी। उसे गंभीर घायल दिखाते हुए बचाने की कोशिश की गई। पेट में गोली लगना भी दर्शाया गया। पुलिस ने उसे मेरठ अस्पताल में ले जाने से पहले ही नारसन बॉर्डर पर रोक दिया था। पुलिस हिरासत में एम्स ऋषिकेश भेजा गया था। जहां उसे ज्यादा गंभीर चोटें नहीं होने की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।