मंगलवार को आबकारी निरीक्षक लक्ष्मण सिंह बिष्ट ने प्लांट हेड अशोक राजपूत पुत्र ओमप्रकाश निवासी रघुनाथ सोसायटी बहादराबाद के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 63 के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। बुधवार को आबकारी विभाग की टीम ने आरोपी प्लांट हेड को गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि बिना लाइसेंस के सैनिटाइजर बनाने के लिए स्प्रिट महाराष्ट्र और दिल्ली से खरीदे गए थे। जिला आबकारी अधिकारी पवन सिंह ने बताया कि आरोपी प्लांट हेड को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जा रहा है।
एक वर्ष की सजा का प्रावधान
बिना लाइसेंस के सैनिटाइजर बनाने का आरोप साबित होने पर वीएलसीसी के प्लांट हेड अशोक राजपूत को एक वर्ष की सजा हो सकती है। आबकारी अधिनियम के तहत इस धारा में एक वर्ष की सजा का प्रावधान है।
निदेशकों तक भी पहुंचेगी जांच की आंच
सैनिटाइजर के इस अवैध कारोबार की जांच की आंच कंपनी के निदेशकों तक भी आ सकती है। जिला आबकारी अधिकारी पवन सिंह ने बताया कि अभी जांच जारी है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई तय है। मामले में कंपनी के निदेशकों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।