आरोप है कि अपने वाहन खड़े करने के बाद अतुल चौहान व तरुण चौहान ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग में सचिन चौहान के पेट और कृष्णपाल चौहान के बाएं हाथ में गोली लगी। भीड़ बढ़ती देख मौके पर अपनी गाड़ियां छोड़कर ब्रह्मचारी सुधानंद की कार में सवार होकर फरार हो गए। थानाध्यक्ष मनोहर सिंह रावत ने बताया कि तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई। मामले की जांच की जा रही है।
सरेंडर के बाद अतुल चौहान को किया गिरफ्तार
बुधवार को गोलीकांड के बाद अतुल चौहान ने खुद कनखल थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर अतुल चौहान को गिरफ्तार कर लिया। बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
...तो पहले से ही हमले की पटकथा कर ली थी तैयारी
घटनाक्रम के बाद कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। करीब 30 बीघा सरकारी जमीन पर कब्जा कर प्लॉटिंग करने के मामले की शिकायत के बाद प्रशासन की टीम जांच के लिए मौके पर पहुंची थी। टीम ने ही शिकायत करने वाले यानि अतुल चौहान पक्ष को बुलाया था। तहरीर में आरोप है कि अतुल पक्ष ने आते ही फायरिंग कर दी जबकि वीडियो में पहले मारपीट होती दिख रही है और फिर बाद में गोली चलाई गई। अलग-अलग वीडियो सामने आने के बाद स्पष्ट है कि पैमाइश के लिए टीम के पहुंचने से पहले ही विवाद की पूरी पटकथा तैयार कर ली गई थी।