मासूम के पिता ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस चार दिन बाद भी फरार आरोपी और उसके परिवार, रिश्तेदारों तक नहीं पहुंच सकी है। आरोप लगाया कि पुलिस सपोर्ट नहीं, टाइमपास कर रही है।
मासूम के पिता को बुधवार को कोतवाली बुलवाया गया। पिता ने फरार आरोपी राजीव कुमार की गिरफ्तारी को लेकर जानकारी चाही। पिता का आरोप है कि पुलिस के पास बताने के लिए कुछ भी नहीं था। सवाल उठाए कि राजीव के परिवार में करीब 11 सदस्य हैं। दिल्ली से उसकी बहन भी बच्चों के साथ आई थी। बच्ची का शव मिलने के बाद से राजीव और परिवार के सभी सदस्य गायब हैं। नया हरिद्वार और विल्वकेश्वर कालोनी में नजदीकी रिश्तेदार भी हैं।
रिश्तेदार भी अब गायब हो गए हैं। पिता ने कहा कि घटना वाले मकान के नीचे मसाले की दुकान है। दुकानदार राजीव के प्रापर्टी में पार्टनर है और नया हरिद्वार में एक ही मकान में रहते हैं। घटना के बाद से दुकानदार भी गायब हो गया था।
हालांकि, अगले दिन बच्ची की अंत्येष्टि में शमशान घाट पहुंचा। उन्होंने कहा कि पुलिस अब औपचारिकता कर रही है। कॉलोनी के लोगों का कहना है कि पुलिस आरोपी के मकान की ठीक से छानबीन करे। जरूरत पड़ने पर फर्श तोड़कर खुदाई की जाए।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत बुधवार शाम को दरिंदगी की शिकार हुई मासूम के घर पहुंचे और उनके परिजनों को सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि इस मामले को कांग्रेस बृहस्पतिवार को विधानसभा में उठाएगी। इसके लिए नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश समेत सभी कांग्रेसी विधायकों से बातचीत हो गई है। उन्होंने कहा कि कहा कि यदि फरार आरोपी दो दिन में नहीं पकड़ा गया तो वह स्थानीय लोगों के साथ धरने पर बैठेंगे।
पत्रकारों से बातचीत में पूर्व सीएम हरीश रावत ने घटना को हृदय विदारक और जघन्य पाप बताया। कहा कि मासूम के साथ हैवानियत कर उसे मार डाला। उसके बाद साक्ष्य नष्ट करने की कोशिश की गई। पुलिस के सामने ही आरोपी फरार हो गया। इससे पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर धब्बा लगा है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने जो तस्वीर देखी और लोगों से सुना, इससे यही लगता है घटना एक व्यक्ति ने नहीं की है। इसमें कई लोग शामिल होने की आशंका है।
हरदा ने कहा कि फरार व्यक्ति प्रभावशाली और पैसे वाला है। कई महत्वपूर्ण लोगों के साथ उसके कनेक्शन बताए जा रहे हैं। इससे भविष्य में भी साक्ष्यों के नष्ट होने की आशंका है। ऐसे लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी ही चाहिए। आरोपियों को मौत की सजा की लोगों की मांग जायज है, लेकिन सजा कानून की प्रक्रिया से हिसाब से ही मिलेगी। उन्होेंने कहा कि इस मामले को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार से बातचीत की।
मासूम के साथ हुई दरिंदगी को संत समाज ने कड़ी निंदा की है। संतों ने कहा कि घटना ने धर्मनगरी को शर्मसार किया है। ऐसी विकृत मानसिकता के लोगों को फांसी पर लटकाए जाने के लिए सख्त कानून बनाया जाए। संत समाज ने कहा कि वो पूरी तरह पीड़िता के परिवार के साथ खड़े हैं। पुलिस फरार आरोपी को तत्काल गिरफ्तार करे।
मासूम के साथ दरिंदगी करने वाले इंसान नहीं जानवर हैं। घटना ने धर्मनगरी को शर्मसार किया है। उत्तराखंड सरकार को अन्य राज्यों की तरह इसमें कड़ा कानून बनाने की जरूरत है, ताकि घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो सके।
- श्रीमहंत नरेंद्र गिरि, अध्यक्ष अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद
कोई इंसान ऐसा घिनौना कृत्य नहीं कर सकता। मात्र मानसिक बीमार ही ऐसी घटनाओं को अंजाम दे सकता है। समाज में कई ऐसे विकृत मानसिकता के लोग हैं। परिवारजनों को अपने बच्चों के प्रति सजग रहने की भी जरूरत है।
- श्रीमहंत संपूर्णानंद ब्रह्मचारी, सचिव श्रीपंच अग्नि अखाड़ा
मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी झकझोर देने वाली घटना है। ऐसे अपराधियों को फांसी होनी चाहिए। ऐसे विकृत मानसिकता के लोगों को चिह्नित करना चाहिए। धर्मनगरी में बढ़ते अपराधों के प्रति पुलिस को अंकुश लगाने की आवश्यकता है।
- श्रीमहंत रविंद्र पुरी, अध्यक्ष मां मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट
घिनौने कृत्य ने धर्मनगरी की गरिमा को ठेस पहुंचाई है। विकृत मानसिकता के लोग समाज के दुश्मन हैं। बेटियां देश और समाज का गौरव हैं। उनका सम्मान व रक्षा प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।
- श्रीमहंत रामरतन गिरि, सचिव निरंजनी अखाड़े
ऋषि मुनियों की धरती पर बच्ची के साथ दरिंदगी बेहद दु:खदाई है। आरोपियों को ऐसा दंड मिले कि किसी और की ऐसी घटना को अंजाम देने की हिम्मत न हो। इस विषय में सामाजिक चिंतन भी जरूरी है।
- बाबा हठयोगी दिगंबर, प्रवक्ता, अखिल भारतीय संत समिति
घटना धर्मनगरी पर काला धब्बा है। पावन भूमि धार्मिक उत्सवों और कर्मकांड के लिए प्रसिद्ध है। बालिका के साथ हुई घटना अक्षम्य अपराध है। उन कारणों पर काम होना चाहिए जो मनुष्य की बुद्धि को चेतनाशून्य बनाते हैं।
- ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी, पीठाधीश्वर जयराम आश्रम
गंगा की पावन नगरी में वासना के फलीभूत होकर जिस दैत्य ने घटना को अंजाम दिया उसे भी उसकी अंतिम यात्रा पर भेजा जाना चाहिए। साथ ही समाज सुधारकों को आगे आकर अज्ञान का अंधकार मिटाना होगा।
- श्रीमहंत रघुवीरदास, सुदर्शन पीठाधीश्वर
घटना सुनकर ही दिल बैठ सा गया। पावन तप:स्थली पर रहते हुए भी इस नराधम ने एक कली को मसल दिया। दोषियों को कड़ा दंड दिया जाए।
- स्वामी वीरेंद्रानंद, सतकर्मा मिशन संस्थापक
आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देनी चाहिए या फिर इनके साथ पुलिस को वैसा ही सलूक करना चाहिए जैसा कि हैदराबाद की घटना के आरोपियों के साथ किया था। बिना देरी किए ऐसे आरोपियों को मार देना चाहिए।
- महामंडलेश्वर सोमेश्वरानंद