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Haridwar: जीएसटी चोरी पर छापा, दो फर्मों से 2.35 करोड़ रुपये वसूल, अभिलेख जब्त कर जांच शुरू

Fri, 22 May 2026 12:17 AM IST
Alka Tyagi अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

जांच के दौरान जीएसटी में अपवंचन और स्टॉक में भारी गड़बड़ी पाई गई। आयुक्त राज्य कर सोनिका के निर्देशों पर यह कार्रवाई अमल में लाई गई।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : संवाद
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विस्तार
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राज्य कर विभाग हरिद्वार की विशेष अनुसंधान शाखा ने कर चोरी रोकने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत दो फर्मों की जांच और सर्वेक्षण की कार्रवाई की है। इस दौरान विभाग ने मौके पर ही दो करोड़ 35 लाख रुपये का कर और जुर्माना वसूल किया। विभाग ने फर्मों के अभिलेख जब्त कर जांच शुरू कर दी है।

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बता दें कि जांच के दौरान जीएसटी में अपवंचन और स्टॉक में भारी गड़बड़ी पाई गई। आयुक्त राज्य कर सोनिका के निर्देशों पर यह कार्रवाई अमल में लाई गई। विभाग को मिल रही शिकायतों में यह तथ्य सामने आया था कि कई फर्में अवैध इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठाकर अपने रिटर्न में नकद भुगतान बेहद कम या शून्य दिखा रही थीं। इसी आधार पर आयुक्त ने अपर आयुक्त डीएस नबियाल को विशेष जांच दल बनाने के निर्देश दिए।

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आयुक्त राज्य कर के निर्देशों के अनुपालन में दोनों फर्मों की जांच के लिए टीमों का गठन किया गया। सर्वेक्षण के दौरान व्यापारी के परिसर में स्टॉक का सत्यापन किया गया। मौजूदा स्टॉक और ली गई इनपुट टैक्स क्रेडिट के आंकड़ों में बड़ी विसंगतियां सामने आईं। जांच अधिकारियों ने जीएसटी से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किए हैं।

टीम ने मौके पर की वसूली अब जांच प्रक्रिया शुरू
सर्वेक्षण और जांच के दौरान ही इन फर्मों की ओर से 2 करोड़ 35 लाख रुपये जमा करा दिए गए। विभाग ने फर्मों के अभिलेख जब्त कर लिए हैं। जांच के बाद कर और जुर्माना निर्धारित करते हुए नियमानुसार वसूली की जाएगी। यह कार्रवाई राज्य कर विभाग के विशेष अभियान का हिस्सा है। जांच में जीएसटी ने भारी गड़बड़ी सामने आने की बात कही है। फर्मों की ओर से अवैध इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठाया जा रहा था। वे अपने रिटर्न में नकद भुगतान को बहुत कम या शून्य दर्शा रही थीं।
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