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हरिद्वार: कंटेनमेंट जोन में ड्यूटी के दौरान फांसी के फंदे पर झूला पुलिस कांस्टेबल, ग्रामीण के घेर में की आत्महत्या 

Sun, 21 Jun 2020 09:08 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धनौरी (हरिद्वार)

सार

  • उत्तरकाशी में थी कांस्टेबल की तैनाती, एक पखवाड़े पहले आया था यहां 
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- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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हरिद्वार में कंटेनमेंट जोन धनौरा गांव में ड्यूटी कर रहे पुलिस के एक कांस्टेबल ने फांसी के फंदे पर झूलकर आत्महत्या कर ली। प्रथम दृष्टया आत्महत्या के पीछे पारिवारिक विवाद निकलकर सामने आया है। पोस्टमार्टम के बाद दोपहर बाद शव परिजन को सौंप दिया गया। 

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जिले के गांव फफरेड़ी थाना झबरेड़ा निवासी सिपाही अमित (28) पुत्र धर्मसिंह की तैनाती उत्तरकाशी जिले में थी। करीब एक पखवाड़े पूर्व उसे कोरोना ड्यूटी के लिए यहां भेजा गया था। उसकी ड्यूटी फिलहाल कंटेनमेंट जोन गांव धनौरा में लगाई गई थी।

शनिवार की देर रात ड्यूटी पर तैनात कांस्टेबल अमित ने ड्यूटी प्वाइंट से सटे ग्रामीण नत्थूराम के घेर में रस्सी के फंदे से टिनशेड में लटककर आत्महत्या कर ली। घटना का पता सुबह को चला। कांस्टेबल के आत्महत्या करने की सूचना मिलने पर एसएसपी डी सेंथिल अबूदई, एसपी देहात एसके सिंह, रुड़की सीओ चंदन सिंह बिष्ट, एसओ प्रकाश पोखरियाल घटनास्थल पर पहुंचे।
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 इधर, घटनास्थल पर पहुंचे अमित के पिता धर्मसिंह, जीजा सुशील और बसंत नेआरोप लगाया कि उसकी ससुराल पक्ष के लोग उसे प्रताड़ित कर रहे थे। इस वजह से उसने आत्महत्या की है। इन लोगों ने बताया कि उसका अपनी पत्नी के साथ विवाद चल रहा और यह मामला कोर्ट में है। एसपी देहात स्वपन्न किशोर सिंह ने बताया कि अमित के मोबाइल फोन को भी खंगाल रहे हैं। एसएसपी सेंथिल अबूदई कृष्णराजएस ने बताया कि प्रथम दृष्टया पारिवारिक विवाद की बात सामने आई है। सुसाइड नोट नहीं मिला है। 

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सहारनपुर में दर्ज है दहेज उत्पीड़न का मुकदमा 

मृतक कांस्टेबल अमित और उसके परिजन के खिलाफ सहारनपुर के कुतुबशेर थाने में दहेज से जुड़ा मुकदमा दर्ज कराया गया था। बताया जाता है कि तब से ही वह तनाव में चल रहा था। दो दिन अमित के परिजन की उसके ससुराल पक्ष से बातचीत हुई थी, लेकिन दोनों पक्षों के बीच बात नहीं बन पाई थी। 

कभी साझा नहीं किया दर्द
अमित ने अपना दर्द कभी अपने साथ के लोगों या अफसरों के साथ साझा नहीं किया। यह बात अब पुलिस के  अफसरों को साल रही है। अधिकारियों का कहन है कि यदि उसने अपनी यह समस्या उनके सामने रखी हुई होती तो कोई हल निकाला जाता। एसपी देहात एसके सिंह का कहना है कि कांस्टेबल ने पारिवारिक विवाद का जिक्र किसी से किया ही नहीं था।
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