शव बरामद होते ही राजीव वहां से फरार हो गया था। जबकि मकान में रहने वाले उसके भांजे राम तीरथ यादव निवासी सुल्तानपुर उप्र को पुलिस ने वहीं से दबोच लिया था। बच्ची का शव मिलने पर आक्रोशित लोगों ने उस घर पर पथराव किया। घर का मुख्य गेट और एक बाइक तोड़ दी। घर में आग लगाने की कोशिश की।
राजीव कुमार अपने परिवार के साथ नया हरिद्वार रानीपुर मोड़ के पास रहता है। उसका भांजा तीरथ यादव दो साल से इसी मकान में रहता था। इसी मकान में राजीव ने प्रापर्टी डिलिंग का कार्यालय और कपड़े का गोदाम भी बनाया हुआ है।
राजीव अक्सर यहां आता जाता है। एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय ने बताया कि बच्ची के पिता की तहरीर पर पुलिस ने राजीव और रामतीरथ यादव के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म और हत्या का मुकदमा दर्ज कर फरार राजीव की तलाश शुरू कर दी है।
मासूम की दुष्कर्म के बाद हत्या के बाद कॉलोनी के लोग रविवार रात को सोये नहीं और सोमवार को भी मातम पसरा रहा। लोगों के चेहरे पर गुस्सा साफ नजर आ रहा था। लोग आरोपियों को मौके पर सजा देने को उतारू थे और इसके लिए वह कुछ भी कर गुजरने तैयार थे। पुलिस ने किसी तरह से लोगों के गुस्से का शांत किया।
रविवार को मायापुर पुलिस चौकी क्षेत्र की एक कॉलोनी से लापता हुई 11 वर्षीय बच्ची की जैसे ही देर रात हत्या कर शव मिलने की सूचना से मिली तो शोक की लहर दौड़ गई। लोग सूचना मिलते ही मौके की तरफ दौड़ पड़े। जिस गली के अंदर के मकान में बच्ची का शव पड़ा था लोगों का हुजूम वहां इकठ्ठा हो गया।
पहली बार हुई ऐसी घटना से महिलाओं और बच्चों में तो खौफ देखा गया। लोगों ने तो रात में घटना के बाद खाना भी नहीं खाया। घटना से आक्रोशित लोगों ने सरकार के खिलाफ भी नारेबाजी की। जब पुलिस ने बच्ची के शव को कब्जे में लेने का प्रयास किया तो लोगों का पारा और चढ़ गया, लोगों को कहना था कि जब तक हत्यारे को मौके पर नहीं लाया जाता है, तब तक बच्ची के शव को नहीं उठने दिया जाएगा।
कहा कि वह हत्यारे को मौके पर ही मौत की सजा देकर आज ही मासूम बिटिया को इंसाफ दे देंगे। ताकि फिर से कोई ऐसी घटना को अंजाम नहीं दे सके। इसको लेकर कई बार पुलिस अधिकारियों के साथ कॉलोनी के लोगों की तीखी नोक-झोंक भी हो गई।
मासूम के हत्यारोपियों को फांसी देने की मांग को लेकर सोशल मीडिया में एक मुहिम चल पड़ी है। जिसमें मुझे इंसाफ तो मिलेगा ना शीर्षक के नाम से बिटिया के फोटो के साथ सोशल मीडिया में यह पोस्ट खूब वायरल की जा रही है। फेसबुक से लेकर व्हाट्सप पर इस मुहिम को धर्मनगरी के साथ ही बाहर के लोगों का पूरा समर्थन मिल रहा है।
बोले लोग वाहनों के चालान काटने तक पुलिस
घटना के बाद से लोगों में पुलिस के खिलाफ काफी आक्रोश दिखा। दरअसल, ऋषिकुल तिराहे पर पुलिस की ओर रोजाना वाहनों के चालान काटे जाते हैं, लोगों का कहना था कि पुलिस वाहनों की चेकिंग और उनके चालान काटने तक ही रह गई है, अपराध पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जाती है।