फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरिद्वार: मामा-भांजे के खिलाफ 11 साल की मासूम से दुष्कर्म और हत्या का मुकदमा दर्ज

Mon, 21 Dec 2020 08:19 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार

सार

  • रविवार को घर के बाहर से लापता हुई थी मासूम, पड़ोस के घर में मिली थी लाश 
  • पुलिस ने भांजे को किया गिरफ्तार, मामा पकड़ से बाहर 
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हरिद्वार नगर कोतवाली क्षेत्र की एक कॉलोनी में रविवार को नाबालिग मासूम से दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या के आरोप में पुलिस ने भवन स्वामी मामा और उसके भांजे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने भांजे को गिरफ्तार कर लिया, जबकि मामा अभी पकड़ से बाहर है। सोमवार को बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया।

विज्ञापन


कॉलोनी के एक ठेकेदार की 11 साल की बेटी रविवार शाम करीब साढ़े तीन बजे घर के बाहर से गायब हो गई थी। बच्ची के काफी देर तक घर नहीं लौटने पर उसकी खोजबीन शुरू हुई। आसपास बच्चों से पूछताछ की गई, लेकिन बच्ची का कहीं पता नहीं चलने पर परिजनों ने पुलिस को गुमशुदगी की जानकारी दी।


यह भी पढ़ें: हरिद्वार : पतंग उड़ाने के बहाने मासूम को बुलाया और कर दी हत्या, डमी बनाकर छुपाया था शव
विज्ञापन


पुलिस ने आसपास के घरों में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले, लेकिन उनमें बच्ची के कॉलोनी से बाहर जाने की कोई फुटेज नहीं मिली। इसके बाद पुलिस ने बच्ची के परिजनों और कॉलोनी के लोगों के साथ आसपास के घरों की तलाशी ली।

प्राॅपर्टी डीलर और कपड़े के थोक व्यापारी राजीव कुमार के मकान से देर रात बच्ची का शव बरामद किया गया था। बच्ची के घर से राजीव कुमार का मकान ठीक सामने है और करीब पचास मीटर की दूरी है। राजीव कुमार की पालीवाल धर्मशाला अपर रोड पर कपड़े की दुकान है। 

शव बरामद होते ही राजीव वहां से फरार हो गया

शव बरामद होते ही राजीव वहां से फरार हो गया था। जबकि मकान में रहने वाले उसके भांजे राम तीरथ यादव निवासी सुल्तानपुर उप्र को पुलिस ने वहीं से दबोच लिया था। बच्ची का शव मिलने पर आक्रोशित लोगों ने उस घर पर पथराव किया। घर का मुख्य गेट और एक बाइक तोड़ दी। घर में आग लगाने की कोशिश की। 

राजीव कुमार अपने परिवार के साथ नया हरिद्वार रानीपुर मोड़ के पास रहता है। उसका भांजा तीरथ यादव दो साल से इसी मकान में रहता था। इसी मकान में राजीव ने प्रापर्टी डिलिंग का कार्यालय और कपड़े का गोदाम भी बनाया हुआ है।

राजीव अक्सर यहां आता जाता है। एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय ने बताया कि बच्ची के पिता की तहरीर पर पुलिस ने राजीव और रामतीरथ यादव के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म और हत्या का मुकदमा दर्ज कर फरार राजीव की तलाश शुरू कर दी है। 

रातभर नहीं सोये कॉलोनी के लोग

मासूम की दुष्कर्म के बाद हत्या के बाद कॉलोनी के लोग रविवार रात को सोये नहीं और सोमवार को भी मातम पसरा रहा। लोगों के चेहरे पर गुस्सा साफ नजर आ रहा था। लोग आरोपियों को मौके पर सजा देने को उतारू थे और इसके लिए वह कुछ भी कर गुजरने तैयार थे। पुलिस ने किसी तरह से लोगों के गुस्से का शांत किया। 

रविवार को मायापुर पुलिस चौकी क्षेत्र की एक कॉलोनी से लापता हुई 11 वर्षीय बच्ची की जैसे ही देर रात हत्या कर शव मिलने की सूचना से मिली तो शोक की लहर दौड़ गई। लोग सूचना मिलते ही मौके की तरफ दौड़ पड़े। जिस गली के अंदर के मकान में बच्ची का शव पड़ा था लोगों का हुजूम वहां इकठ्ठा हो गया।

पहली बार हुई ऐसी घटना से महिलाओं और बच्चों में तो खौफ देखा गया। लोगों ने तो रात में घटना के बाद खाना भी नहीं खाया। घटना से आक्रोशित लोगों ने सरकार के खिलाफ भी नारेबाजी की। जब पुलिस ने बच्ची के शव को कब्जे में लेने का प्रयास किया तो लोगों का पारा और चढ़ गया, लोगों को कहना था कि जब तक हत्यारे को मौके पर नहीं लाया जाता है, तब तक बच्ची के शव को नहीं उठने दिया जाएगा।

कहा कि वह हत्यारे को मौके पर ही मौत की सजा देकर आज ही मासूम बिटिया को इंसाफ दे देंगे। ताकि फिर से कोई ऐसी घटना को अंजाम नहीं दे सके। इसको लेकर कई बार पुलिस अधिकारियों के साथ कॉलोनी के लोगों की तीखी नोक-झोंक भी हो गई। 
विज्ञापन

मुझे इंसाफ तो मिलेगा ना.... 

मासूम के हत्यारोपियों को फांसी देने की मांग को लेकर सोशल मीडिया में एक मुहिम चल पड़ी है। जिसमें मुझे इंसाफ तो मिलेगा ना शीर्षक के नाम से बिटिया के फोटो के साथ सोशल मीडिया में यह पोस्ट खूब वायरल की जा रही है। फेसबुक से लेकर व्हाट्सप पर इस मुहिम को धर्मनगरी के साथ ही बाहर के लोगों का पूरा समर्थन मिल रहा है। 

बोले लोग वाहनों के चालान काटने तक पुलिस 
घटना के बाद से लोगों में पुलिस के खिलाफ काफी आक्रोश दिखा। दरअसल, ऋषिकुल तिराहे पर पुलिस की ओर रोजाना वाहनों के चालान काटे जाते हैं, लोगों का कहना था कि पुलिस वाहनों की चेकिंग और उनके चालान काटने तक ही रह गई है, अपराध पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें