पहले कई बार शराब पी, फिर ऐसे दिया हत्या को अंजाम
एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि दोनों आरोपियों ने गोपाल के साथ दो नवंबर को सुबह से शाम तक कुछ-कुछ देर बाद शराब पी। रात में 10:30 बजे फिर शराब पीते समय गोपाल ने गाली गलौज शुरू कर दी। तब रविंद्र ने गोपाल को धक्का देकर सड़क से नीचे झाड़ियों पास गिराया और दोनों ने मिलकर उसका गला घोंटकर हत्या कर दी। फिर उसकी जेब से पैसे और आधार कार्ड चोरी कर लिए। पहचान मिटाने के लिए शराब छिड़ककर शव को आग लगा दी। आग की ऊंची लपटें देखकर दोनों भाग गए। सुबह शव आधा जलने और पुलिस के छानबीन का पता चलते ही दोनों भागने की तैयारी में लग गए। मंगलवार को कांगड़ी से बाइक के साथ दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
खोखा स्वामी को फंसाने की कोशिश की
सीओ सिटी जूही मनराल ने बताया कि दोनों आरोपियों ने दो नवंबर को गोपाल के साथ शराब पीने और नशा ज्यादा होने पर उसकी हत्या करने का जुर्म तो कबूल किया ही, लेकिन ठेके के बराबर में खोखा लगाने वाले राजन को भी हत्या में शामिल बताया। सबूतों के आधार पर दोनों हत्यारोपियों से पुनः पूछताछ करने पर पता चला कि राजन का हत्याकांड में कोई रोल नहीं था। दोनों ने ने उसका नाम केवल इसलिए लिया क्योंकि उसकी वित्तीय हालत बेहतर थी। ऐसे में पूछताछ के बाद राजन को छोड़ दिया गया।
शुरुआत में पत्नी पर भी था शक
एसओ नितेश शर्मा ने बताया कि शराब पीने के चलते गोपाल की अपनी पत्नी अनिता से अनबन रहती थी। इसलिए वह घर पर कम आता था। शुरुआत में इस एंगल पर भी पड़ताल की गई, लेकिन पत्नी की कोई संलिप्तता सामने नहीं आई।