नेता और अफसर न केवल हनक से अपनों की अस्थियों का विसर्जन करवा रहे हैं बल्कि वहां तैनात कर्मचारियों से भी प्रोटोकॉल की उम्मीद कर रहे हैं। इसके लिए कर्मचारियों पर दबाव डाला जा रहा है। वीआईपी घाट पर कई कर्मचारियों की शिफ्टवार ड्यूटी लगती है।
कोरोना संक्रमण से जान गंवाने वालों की अस्थियां विसर्जित होने से कर्मियों में दहशत है। नाम न छापने की शर्त पर कर्मचारियों ने बताया कि कोविड शवों की अस्थियां उनके परिवार के लोग ला रहे हैं। परिजनों से संक्रमण फैलने की आशंका है। रोजाना घाट पर 20 से अधिक अस्थियां विसर्जित हो रही हैं। इनमें यूपी और उत्तराखंड से कोविड और नॉन कोविड मृतकों की अस्थियां शामिल हैं।
घाट पर स्नान करने वालों की संख्या गिनती की है, लेकिन अस्थि विसर्जन के लिए लोग आ रहे हैं। बिना एंट्री अस्थि विसर्जन किए जाने की जानकारी नहीं है। किसी नेता और अफसर के दबाव में ऐसा हो रहा है तो रोक लगाई जाएगी। कर्मचारियों की कोविड से सुरक्षा प्राथमिकता है।
-अनिल कुमार निमेष, एसडीओ, सिंचाई विभाग