नवरात्र में लोगों के घरों में देवी स्वरूप कन्या जन्मी तो परिवार के चेहरे खुशी से खिल गए। परिजनों ने नवरात्र में बेटियों के जन्म को शुभ संकेत माना। यही नहीं, बेटे के समान बेटी की देखभाल और उसके भविष्य को संवारने का संकल्प लिया। हरिद्वार में आठ दिन के दौरान बेटियां लिंगानुपात में बेटों से बाजी मारती नजर आईं।
चैन राय जिला महिला चिकित्सालय में इस नवरात्र महोत्सव पर अमर उजाला ने पड़ताल की। यहां 17 अक्तूबर से 24 अक्तूबर तक जन्मे बच्चों का लिंगानुपात सुखद एहसास देने वाला है। इन आठ दिनों में अस्पताल में 81 बच्चों ने जन्म लिया है। इनमें 48 कन्याएं और 33 बेटे पैदा हुए। वहीं अष्टमी पर आठ नवजातों में से पांच कन्याओं का जन्म हुआ।