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हरिद्वार : नवरात्र में 48 देवियों के रूप में जन्मी हैं कन्याएं, खुशी से खिल गए परिवार के चेहरे

Mon, 26 Oct 2020 01:32 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
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हरिद्वार - फोटो : अमर उजाला
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नवरात्र में लोगों के घरों में देवी स्वरूप कन्या जन्मी तो परिवार के चेहरे खुशी से खिल गए। परिजनों ने नवरात्र में बेटियों के जन्म को शुभ संकेत माना। यही नहीं, बेटे के समान बेटी की देखभाल और उसके भविष्य को संवारने का संकल्प लिया। हरिद्वार में आठ दिन के दौरान बेटियां लिंगानुपात में बेटों से बाजी मारती नजर आईं।

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चैन राय जिला महिला चिकित्सालय में इस नवरात्र महोत्सव पर अमर उजाला ने पड़ताल की। यहां 17 अक्तूबर से 24 अक्तूबर तक जन्मे बच्चों का लिंगानुपात सुखद एहसास देने वाला है। इन आठ दिनों में अस्पताल में 81 बच्चों ने जन्म लिया है। इनमें 48 कन्याएं और 33 बेटे पैदा हुए। वहीं अष्टमी पर आठ नवजातों में से पांच कन्याओं का जन्म हुआ।

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बेटा-बेटी में कोई अंतर नहीं

टिबड़ी निवासी रजनी देवी ने बताया कि बेटा-बेटी में कोई अंतर नहीं है। उनका कहना है कि नवरात्र में स्वयं देवी घर में पधारी हैं और हमें इनकी सेवा करने का अवसर मिला है। नवरात्र में बेटी के रूप में सुख समृद्धि और खुशियां परिवार में आई हैं।

रोशनाबाद निवासी विमलेश ने बताया कि पहली बार बच्चे के रूप में बिटिया पैदा हुई है। वह और उनका पूरा परिवार बेटी के जन्म पर बहुत खुश है। उन्होंने कहा कि बिटिया को अच्छी शिक्षा दिलाकर बेटे से भी बढ़कर परवरिश करेंगी।

चैन राय जिला महिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप निगम का कहना है कि वह अस्पताल में आने वाले लोगों को हमेशा जागरूक करते हैं। साथ ही लोगों को बेटी के पालन पोषण में किसी प्रकार का भेदभाव न करने की सलाह देते हैं।
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