हरिद्वार शहर से निकलकर उत्तर प्रदेश जा रही उत्तरी खंड गंगनहर को मरम्मतीकरण के लिए हर साल बंद किया जाता है। बुधवार की रात में दशहरा पर्व पर गंगनहर को बंद कर दिया गया।
उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की ओर से गंगनहर की सालाना बंदी से हरकी पैड़ी पर आचमन लायक भी गंगाजल नहीं रहा है। जिससे अब वहां पानी की जगह पत्थर दिख रहे हैं। इससे गंगा स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालु परेशान हो रहे हैं।
हरिद्वार शहर से निकलकर उत्तर प्रदेश जा रही उत्तरी खंड गंगनहर को मरम्मतीकरण के लिए हर साल बंद किया जाता है। बुधवार की रात में दशहरा पर्व पर गंगनहर को बंद कर दिया गया। जिससे हरकी पैड़ी पर पानी की आपूर्ति पूरी तरह से बंद हो गई है। गंगाजल नहीं आने से हरकी पैड़ी पर पत्थर दिखाई दे रहे हैं। लोग श्रद्धालुओं की ओर से डाले गए पैसे और अन्य सामान खोज रहे हैं।
उधर, गंगनहर बंदी से हरकी पैड़ी पर गंगा स्नान नहीं कर पा रहे हैं। उन्हें गंगा स्नान के लिए अन्य स्थानों जैसे नमामि गंगे घाट पर जाना पड़ रहा है। तब जाकर वह गंगा स्नान कर पा रहे हैं। उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के अवर अभियंता उमेश शर्मा ने बताया कि गंगनहर को अब दीपावली की रात में चालू किया जाएगा। जिससे श्रद्धालु फिर से भरपूर गंगाजल में स्नान कर सकेंगे।