यह पहली बार नहीं है, जब जिले में नकली दवाओं का भंडाफोड़ हुआ है। हरिद्वार का रुड़की और भगवानपुर क्षेत्र इसके लिए बहुत पहले से बदनाम है। बीते साल अगस्त में माधोपुर गांव में वीआर फार्मा दवा कंपनी पर औषधि नियंत्रण विभाग की टीम ने छापा मारा था। इस दौरान कंपनी से ब्रांड के नाम से करीब दो करोड़ रुपये की नकली दवाएं बरामद की गई थीं।
भगवानपुर के सिकंदरपुर में भी पुलिस ने नकली दवा फैक्टरी पकड़ी थी। इससे पहले औषधि नियंत्रण विभाग ने वर्ष 2020 के दिसंबर में आदर्श नगर, सोलानीपुरम और भगवानपुर औद्योगिक क्षेत्र में नकली दवा फैक्टरी का भंडाफोड़ किया था। यहां से करीब डेढ़ करोड़ रुपये की नकली दवाएं बरामद की गई थीं। इसके अलावा रुड़की के मेहवड़ और सलेमपुर में भी नकली दवा की फैक्टरी पकड़ी जा चुकी है।
तीन साल पहले भगवानपुर क्षेत्र के चुड़ियाला में भाजपा नेता के भाई का नाम भी इस काले कारोबार में सामने आया था। रामनगर औद्योगिक क्षेत्र, शिवपुरम और चंद्रपुरी में भी इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन इन सभी घटनाओं से प्रशासन, ड्रग कंट्रोल विभाग और पुलिस ने सबक नहीं लिया। ड्रग कंट्रोल विभाग की कार्रवाई केवल मेडिकल स्टोरों तक ही सिमट कर रह गई।