अगर आप भी खाली वक्त गुजारने के लिए कान पर हेडफोन लगाकर घंटों गाने सुनते हैं या गेम खेलते हैं तो सतर्क हो जाएं। सिडकुल, लेबर कॉलोनी निवासी उद्यान विभाग के लेखाकार संजय शर्मा की हेडफोन की बैटरी फटने से हुई मौत से सतर्कता बरतने की जरूरत है। एक्सपर्ट का मानना है कि लोकल और लंबे समय तक हेडफोन के इस्तेमाल से बैटरी फटने की संभावना बढ़ जाती है।
कोरोनाकाल में अधिकतर लोग मोबाइल पर समय बिताते हैं। लंबे समय तक गेम खेलने, गाने सुनने या बात करने के लिए हेडफोन का इस्तेमाल करते हैं। वहीं बच्चे भी ऑनलाइन पढ़ाई के लिए हेडफोन प्रयोग करते हैं। इससे न केवल कानों की सुनने की क्षमता पर असर पड़ता है, बल्कि बैटरी फटने से हादसा भी हो सकता है। मोबाइल एक्सपर्ट अनिल कपूर बताते हैं कि मोबाइल, हेडफोन, ब्लूटूथ में हीलियम वाली बैटरी का भी प्रयोग होता है, जो स्वास्थ्य के लिए भी खतरनाक है।
यह रखे सावधानी
- ब्लूटूथ, ईयरफोन और हेडफोन का लगातार इस्तेमाल न करें।
- ब्लूटूथ वाले ईयरफोन बिल्कुल इस्तेमाल न करें।
- पढ़ाई के दौरान तारों वाली ईयरफोन का इस्तेमाल करें।
- ब्लूटूथ को पॉकेट में रखें, जब फोन आए तभी कान में लगाएं।
हेडफोन के फटने के दो कारण हो सकते हैं। हेडफोन की पीसीबी का स्क्रू बैटरी से टच होने से बैटरी फट सकती है। लगातार हेडफोन का इस्तेमाल होने से कई लोग चार्जिंग लगाकर ही गाने सुनते और गेम खेलते हैं। ऐसे में बैटरी गर्म होने से फट सकती है। हीलियम वाली बैटरी का फटने की अधिक संभावना रहती है। हेडफोन की रिपेयरिंग में कई बार लोकल बैटरी डाली जाती है, जिसके गर्म होने पर फटने का खतरा अधिक होता है।
-अनिल कपूर, मोबाइल एक्सपर्ट, चौक बाजार कनखल