संन्यास दीक्षा महोत्सव
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पतंजलि में किसी तरह का कोई भेद नहीं
संन्यासी को ऐसा अनुभव करना चाहिए कि मैं भगवत स्वरूप सृष्टि की सेवा के लिए समर्पित हूं। स्वामी रामदेव ने कहा कि रामनवमी के दिन चार वेदों के महापारायण यज्ञ की पूर्णाहूति के साथ नव संन्यासी पूर्वज ऋषि-मुनियों की संन्यास परंपरा में दीक्षित होंगे। कहा कि पतंजलि में स्त्री-पुरुष, जाति, मत, पंथ, धर्म, संपदाय की संकीर्णताओं का कोई भेद नहीं है।
आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि सत्य सनातन वैदिक परंपरा की सांस्कृतिक विरासत को अक्षुण बनाए रखने के लिए पतंजलि द्वारा कई वैदिक गुरुकुलों का संचालन किया जा रहा है। प्राचीन शास्त्रों का गहन अध्ययन कर योग्य विद्वान एवं विदुषियों के रूप में तैयार हो रहे हैं। इस मौके पर साध्वी देवप्रिया, भारतीय शिक्षा बोर्ड के कार्यकारी अध्यक्ष एनपी सिंह, अजय आर्य, बाबू पद्मसेन, राकेश कुमार, स्वामी परमार्थदेव, स्वामी आर्षदेव मौजूद रहे।
2024 तक नागरिक संहिता लागू होने की उम्मीद: रामदेव
बाबा रामदेव ने कहा कि राम मंदिर का लोकार्पण अगले वर्ष जनवरी में हो जाएगा। धारा 370 भी समाप्त हो गई है। अब समान नागरिक संहिता और जनसंख्या नियंत्रण कानून बाकी रह गया है। उम्मीद है कि 2024 तक दोनों कानून लागू हो जाएं। राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव ने कहा कि राम मंदिर का निर्माण तेजी के साथ चल रहा है। अगले साल जनवरी के तीसरे सप्ताह तक भगवान श्रीराम की प्रतिमा को पुनर्स्थापित किया जाएगा।