बाबा रामदेव ने कहा, उनके मन में किसी के प्रति कोई निरादर और घृणा नहीं है। किसी को कोसना, दोष देना और नीचा दिखाना मकसद नहीं है। बाबा रामदेव ने कहा कि पतंजलि खुद भविष्य में मेडिकल कॉलेज खोलेगा। इसमें आदर्श एमबीबीएस डॉक्टर भी तैयार करेगा।
कोरोनाकाल में जिन डॉक्टरों ने अपने प्राणों की आहुति देखकर दूसरों की जान बचाई है, उनका सम्मान करता हूं। उन्होंने कहा कि वह कभी भी इस्लाम, जैन, बौद्ध, ईसाई और हिंदू धर्म में भेदभाव और पक्षपात नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि एलोपैथी और आयुर्वेद में सामंजस्य होना चाहिए, इसके वे पक्षधर हैं। एलोपैथी और आयुर्वेद में जो श्रेष्ठ है, उसे लो। उन्होंने कहा कि हृदय की गहराई से विवाद को विराम देना चाहता हूं। एलोपैथी चिकित्सकों के अलावा पूरे स्टाफ को सलाम और उनका वंदन करता हूं।
उधर, आईएमए हरिद्वार अध्यक्ष डॉ. दिनेश सिंह ने कहा कि एलोपैथी का अपमान करने वाले बाबा रामदेव क्यों बयान से पलट गए हैं। डॉक्टरों को नकारा कहने और उनका उपहास उड़ाने वाले बाबा क्यों मेडिकल कॉलेज खोलना चाहते हैं।