फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरिद्वार: बाबा रामदेव बोले, पतंजलि भविष्य में खोलेगा मेडिकल कॉलेज, एमबीबीएस डॉक्टर होंगे तैयार

Mon, 31 May 2021 10:17 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार

सार

कोरोना काल में एलोपैथी चिकित्सा पद्धति पर विवादित बयानबाजी करने वाले योग गुरु बाबा रामदेव ने अब भविष्य में पतंजलि की ओर से मेडिकल कॉलेज खोलने और एमबीबीएस डॉक्टर तैयार करने की बात कहकर वाद-विवाद पर विराम लगा दिया।
 
विज्ञापन
बाबा रामदेव - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बाबा रामदेव ने एक टीवी चैनल इंटरव्यू में कहा कि लड़ाई-झगड़ा छोड़कर एलोपैथी और आयुर्वेद पद्धति को मिलकर देश की भलाई करने का समय है। बाबा के अपने बयानों से पलटी मारने पर आईएमए हरिद्वार ने पूछा है आखिर रामदेव अब क्यों मेडिकल कॉलेज खोलने की बात कह रहे हैं।

विज्ञापन


रामदेव एलोपैथी विवाद: उत्तराखंड में प्राइवेट के साथ अब सरकारी डॉक्टर भी हुए आंदोलन में शामिल

एलोपैथी पद्धति पर लगातार विवादित बयानों से पतंजलि योग पीठ के संस्थापक बाबा रामदेव आईएमए के निशाने पर हैं। आरोप प्रत्यारोप का यह विवाद पिछले कई दिनों से चल रहा है।
विज्ञापन


केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन के हस्तक्षेप पर बाबा ने तभी अपने बयान वापस लिया था, लेकिन अगले ही दिन फार्मा कंपनियों और चिकित्सकों से 25 सवाल पूछकर नया विवाद खड़ा कर दिया। आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब बाबा रामदेव का एक इंटरव्यू खूब वायरल हो रहा।

इसमें वह कह रहे हैं कि उनकी मंशा एलोपैथी या चिकित्सकों को आहत करने की नहीं थी। उनका कोई बयान ऑफिशियल नहीं था। वह तो मात्र कार्यकर्ताओं के बीच बात कर रहे थे और वायरल हो गया।

विज्ञापन

मन में किसी के प्रति कोई निरादर और घृणा नहीं है

बाबा रामदेव ने कहा, उनके मन में किसी के प्रति कोई निरादर और घृणा नहीं है। किसी को कोसना, दोष देना और नीचा दिखाना मकसद नहीं है। बाबा रामदेव ने कहा कि पतंजलि खुद भविष्य में मेडिकल कॉलेज खोलेगा। इसमें आदर्श एमबीबीएस डॉक्टर भी तैयार करेगा।

कोरोनाकाल में जिन डॉक्टरों ने अपने प्राणों की आहुति देखकर दूसरों की जान बचाई है, उनका सम्मान करता हूं। उन्होंने कहा कि वह कभी भी इस्लाम, जैन, बौद्ध, ईसाई और हिंदू धर्म में भेदभाव और पक्षपात नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि एलोपैथी और आयुर्वेद में सामंजस्य होना चाहिए, इसके वे पक्षधर हैं। एलोपैथी और आयुर्वेद में जो श्रेष्ठ है, उसे लो। उन्होंने कहा कि हृदय की गहराई से विवाद को विराम देना चाहता हूं। एलोपैथी चिकित्सकों के अलावा पूरे स्टाफ को सलाम और उनका वंदन करता हूं। 

उधर, आईएमए हरिद्वार अध्यक्ष डॉ. दिनेश सिंह ने कहा कि एलोपैथी का अपमान करने वाले बाबा रामदेव क्यों बयान से पलट गए हैं। डॉक्टरों को नकारा कहने और उनका उपहास उड़ाने वाले बाबा क्यों मेडिकल कॉलेज खोलना चाहते हैं। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें