पूरे लॉक सिस्टम को बदल देता था आरोपी
आरोपी रतन अपने साथियों के साथ वाहनों के पूरे लॉक सिस्टम को बदलकर नया लॉक सेट कर नई चाबी की मदद से गाड़ी चोरी करता था। इसके बाद फर्जी नंबर प्लेट लगाकर अन्य राज्यों में बेचता था। यही नहीं, नए सेंसर वाले वाहनों को कोडिंग मशीन से डिकोड कर उसकी नई चाबी बनाकर साफ्टवेयर हैक कर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। पुराने वाहनों को चोरी कर मेवात, दिल्ली में कटवाते थे।
अपने साथी के साथ आया था हरिद्वार
बहादराबाद थाना प्रभारी रविंद्र शाह ने बताया कि आरोपी रतन वर्ष 2017 में जेल में रहने के दौरान फरार आरोपी के संपर्क में आया था। दोनों आरोपी इसी महीने जमानत पर छूटे हैं। कई राज्यों में चल रहे मुकदमों में खर्चे के कारण आर्थिक तंगी खड़ी होने के बाद कुछ काम न मिलने से वह हरिद्वार आया था। बहादराबाद क्षेत्र में 28 जुलाई की रात अपने साथी के साथ थार गाड़ी को चोरी कर लिया था। अब आरोपी मेवात में गाड़ी को बेचने की फिराक में थे। मुकदमे में धारा 420, 467, 468, 471 की बढ़ोत्तरी की गई है।