फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Haridwar Crime: दो कर्मचारी ही निकले पैथोलॉली लैब संचालक के हत्यारे, कट्टे में था छिपाया शव

Sun, 15 Jan 2023 02:38 PM IST
रेनू सकलानी संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार

सार

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि शिवमंदिर चौक बहादराबाद निवासी कार्तिक की रानीपुर कोतवाली क्षेत्र की रामधाम कॉलोनी में पैथोलॉजी लैब है। फिरौती नहीं मिलने पर पकड़े जाने की डर से कार्तिक की गला घोंटकर हत्या कर दी। शव ठिकाने लगाने से पहले पुलिस ने आरोपियों को दबोच लिया। एसएसपी अजय सिंह ने पुलिस टीम को 10 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है। 
विज्ञापन
उत्तराखंड पुलिस (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बहादराबाद निवासी पैथोलॉजी लैब संचालक कार्तिक हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस ने हत्याकांड में लैब में ही काम करने वाले दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। कर्मचारियों ने 70 लाख रुपये की फिरौती वसूलने के लिए कार्तिक का अपहरण किया।

विज्ञापन


फिरौती नहीं मिलने पर पकड़े जाने की डर से कार्तिक की गला घोंटकर हत्या कर दी। शव ठिकाने लगाने से पहले पुलिस ने आरोपियों को दबोच लिया। एसएसपी अजय सिंह ने पुलिस टीम को 10 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है। 

शनिवार को मेला नियंत्रण भवन (सीसीआर) में पत्रकारों से वार्ता करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि शिवमंदिर चौक बहादराबाद निवासी प्रेमचंद के बेटे कार्तिक की रानीपुर कोतवाली क्षेत्र की रामधाम कॉलोनी में पैथोलॉजी लैब है। बृहस्पतिवार को वह घर से पार्टी में जाने की बात कहकर निकला। लेकिन फिर वापस नहीं लौटा।
विज्ञापन


शुक्रवार को पिता प्रेमचंद ने गुमशुदगी दर्ज कराई। दोपहर में उसकी मां अंगूरी देवी के फोन पर एक कॉल आई और बात करने वाले शख्स ने कार्तिक का अपहरण करने की बात कही और उसे छोड़ने की एवज में 70 लाख रुपये की फिरौती मांगी। 

जानकारी मिलते ही गुमशुदगी को तत्काल अपहरण में तरमीम कर जांच शुरू कर दी गई। एसपी क्राइम रेखा यादव, एसपी सिटी स्वतंत्र कुमार सिंह, सीओ ज्वालापुर निहारिका सेमवाल के साथ बहादराबाद एसओ नितेश शर्मा और सीआईयू की टीम खुलासे के लिए गठित की।

विज्ञापन

पहली ट्रांजेक्शन ठेके से शराब खरीदने के लिए हुई
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि अलग-अलग बिंदुओं पर जांच करते हुए कार्तिक के मोबाइल फोन से तीन ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की बात सामने आई। पहली ट्रांजेक्शन ठेके से शराब खरीदने के लिए हुई। दूसरी मुरादाबादी बिरयानी सेंटर और तीसरी कृष्णा ट्रेडर्स को की गई। इन स्थानों की सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर लाल जैकेट पहने हुए स्कूटी सवार युवक मोबाइल बारकोड से पैसे ट्रांसफर करते हुए नजर आया। 

लाल जैकेट में कोई और नहीं बल्कि लैब में सेंपल लेने का काम करने वाला निपेन्द्र कुमार निवासी मुस्तफाबाद गदनपुरा थाना हीमपुर दीपा जिला बिजनौर उत्तर प्रदेश हाल निवासी सलेमपुर रानीपुर निकला हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की गई तो वह टूट गया। निपेंद्र ने लैब में ही काम करने वाले शहादत अली निवासी कस्बा सहसपुर थाना स्योहारा जिला बिजनौर उत्तर प्रदेश हाल निवासी सलेमपुर के साथ मिलकर कार्तिक की हत्या की बात कबूल कर ली। दोनों ने उसे पहले शराब पिलाई और शहादत के दादूपुर स्थित किराये के कमरे पर लाकर मफलर से गला घोंटकर हत्या कर शव प्लास्टिक के कट्टे में डालकर छिपा दिया। आरोपियों की निशानदेही पर कमरे के बाथरूम से शव को बरामद किया गया। 

ये भी पढ़ें...Almora News:  सेना के आवासीय परिसर में लगी भीषण आग, जवानों की मदद से फायरकर्मियों ने 10 घंटे बाद पाया काबू

पहले हत्या की और फिर मांगी फिरौती 
कार्तिक की लैब में काम करने वाले दोनों आरोपियों ने पहले कार्तिक की हत्या को अंजाम दिया। इसके बाद आरोपियों ने परिजनों को फोन कर 70 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। आरोपियों ने कार्तिक मकान को देखने के बाद उसकी कीमत का अंदाजा लगाया और फिर हत्या का प्लानिंग बनाई। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें