पहली ट्रांजेक्शन ठेके से शराब खरीदने के लिए हुई
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि अलग-अलग बिंदुओं पर जांच करते हुए कार्तिक के मोबाइल फोन से तीन ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की बात सामने आई। पहली ट्रांजेक्शन ठेके से शराब खरीदने के लिए हुई। दूसरी मुरादाबादी बिरयानी सेंटर और तीसरी कृष्णा ट्रेडर्स को की गई। इन स्थानों की सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर लाल जैकेट पहने हुए स्कूटी सवार युवक मोबाइल बारकोड से पैसे ट्रांसफर करते हुए नजर आया।
लाल जैकेट में कोई और नहीं बल्कि लैब में सेंपल लेने का काम करने वाला निपेन्द्र कुमार निवासी मुस्तफाबाद गदनपुरा थाना हीमपुर दीपा जिला बिजनौर उत्तर प्रदेश हाल निवासी सलेमपुर रानीपुर निकला हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की गई तो वह टूट गया। निपेंद्र ने लैब में ही काम करने वाले शहादत अली निवासी कस्बा सहसपुर थाना स्योहारा जिला बिजनौर उत्तर प्रदेश हाल निवासी सलेमपुर के साथ मिलकर कार्तिक की हत्या की बात कबूल कर ली। दोनों ने उसे पहले शराब पिलाई और शहादत के दादूपुर स्थित किराये के कमरे पर लाकर मफलर से गला घोंटकर हत्या कर शव प्लास्टिक के कट्टे में डालकर छिपा दिया। आरोपियों की निशानदेही पर कमरे के बाथरूम से शव को बरामद किया गया।
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पहले हत्या की और फिर मांगी फिरौती
कार्तिक की लैब में काम करने वाले दोनों आरोपियों ने पहले कार्तिक की हत्या को अंजाम दिया। इसके बाद आरोपियों ने परिजनों को फोन कर 70 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। आरोपियों ने कार्तिक मकान को देखने के बाद उसकी कीमत का अंदाजा लगाया और फिर हत्या का प्लानिंग बनाई।