एसएसपी ने बताया कि पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी रामप्रकाश उर्फ गोविंदा के कौशल्या के साथ प्रेम संबंध थे। रामप्रकाश पहले से शादीशुदा था, लेकिन कौशल्या उस पर शादी करने का दबाव बना रही थी। इससे परेशान होकर उसने अपने भाई राकेश और जीजा छेदीलाल के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। आरोपियों ने कौशल्या को चंडी देवी के दर्शन कराने का झांसा देकर हरिद्वार बुलाया। सुनसान रास्ते पर ले जाकर उसका गला घोंटकर हत्या कर दी और शव झाड़ियों में फेंक दिया। आरोपियों को उम्मीद थी कि घर से सैकड़ों किलोमीटर दूर शव मिलने पर महिला की पहचान नहीं हो सकेगी, लेकिन पुलिस की तकनीकी जांच के आगे उनकी योजना धरी रह गई।मामले में बांदा निवासी राकेश (25), रामप्रकाश उर्फ गोविंदा (20) और छेदीलाल (24) को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन और एक पिट्ठू बैग बरामद किया गया है।
पुलिस टीम को मिलेगा पुरस्कार
एसएसपी ने बताया कि इस जटिल ब्लाइंड मर्डर केस के सफल खुलासे पर गढ़वाल परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक ने पुलिस टीम को पांच हजार रुपये और एसएसपी कार्यालय की ओर से ढाई हजार रुपये के पुरस्कार की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि मृतका और आरोपी दोनों ही शुरुआत में पुलिस के लिए पूरी तरह अज्ञात थे। सीमित साक्ष्यों और तकनीकी जांच के सहारे टीम ने जिस तरह से मामले का खुलासा किया, वह पुलिस की पेशेवर जांच और समर्पण का उदाहरण है।