बता दें कि कुंभ की भव्यता को दर्शाने के लिए शहर में जगह-जगह एयर बैलून लगाए गए हैं। जिस पर कुंभ का स्लोगन भी लिखा गया है। ऐसे में कुछ ही दिन में दो बार बैलून का गिरना कंपनी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि गैस कम होने के कारण बैलून खुद ही नीचे आने लगता है। रात करीब एक बजे कुछ छात्र शौचालय के लिए महाविद्यालय के परिसर में आए थे। जिस दौरान वे बैलून के फटने से उसकी चपेट में आ गए। तीनों छात्र आईसीयू में हैं। ये बड़ी लापरवाही है। इससे पहले भी बैलून गिरने की घटना होने के बाद भी कंपनी ने एहतियाती कदम नहीं उठाए। जिस कंपनी की भी लापरवाही सामने आएगी उस पर एक्शन लिया जाएगा।