गूगल मैप सड़क पर दौड़ रहे वाहनों की ट्रैकिंग करता है, लेकिन आईआईटी वैज्ञानिक की ओर से तैयार किया गया एप एक जगह पर खड़े व्यक्ति को भी ट्रैक करेगा। इसलिए यह एक जगह पर एकत्र भीड़ को भी दर्शाएगा जबकि गूगल मैप सड़क पर यात्रा करते समय ट्रैफिक को दर्शाता है। कई बार यह भी अनुभव में आता है कि जहां ज्यादा भीड़ और जाम के लिए रेड लाइन दिखाता है, वहां सड़क पर ज्यादा भीड़ नहीं होती, लेकिन ट्रैकर एप अलग-अलग प्वाइंट पर भी भीड़ की सटीक जानकारी देगा।
कोरोना पॉजिटिव और संपर्क में आने वालों की भी देगा जानकारी
बॉर्डर या अन्य जगहों पर बाहर से आने वाले यात्रियों की कोरोना जांच रिपोर्ट में एक या दो दिन का समय लगता है। यदि किसी व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आ जाती है तो उसे ट्रेस करने में परेशान होती है, लेकिन इस एप से उसकी वर्तमान लोकेशन भी पता चलेगी। साथ ही वह किस-किस के संपर्क में आ रहा है, इसकी जानकारी भी मिल जाएगी। अभी तक कोविड के लिए ट्रेसिंग के जो एप उपलब्ध हैं, उसमें संपर्क में आए लोगों की सही जानकारी नहीं मिल पाती है, लेकिन इस एप से यह संभव होगा।