हरिद्वार कुंभ के दौरान देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्री राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क में भ्रमण कर वन्यजीवों का दीदार नहीं कर पाएंगे। राजाजी टाइगर रिजर्व प्रशासन की ओर से प्रतिदिन सिर्फ 25 सफारी गाड़ियों के भ्रमण की अनुमति होगी। टाइगर रिजर्व के निदेशक डीके सिंह का कहना है कि यदि बहुत अधिक संख्या में पर्यटकों को भ्रमण की अनुमति दी जाती है तो इससे वन्यजीवों के ऊपर विपरीत असर पड़ता है।
डीके सिंह का यह भी कहना है कि टाइगर रिजर्व के हाथी जंगल से निकलकर हरिद्वार की ओर रुख न कर सकें, इसके लिए हाथियों को चिन्हित कर उन्हें रेडियो कॉल लगाया जाएगा। साथ ही उन तमाम जगहों पर अधिकारियों की अगुवाई में कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी, जहां से होकर हाथी आबादी क्षेत्र में दाखिल होते हैं। हाथियों को रेडियो कॉलर लगाया जा सके, इसके लिए केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की ओर से अनुमति दी जा चुकी है।
तीन महीने बाद, वर्ष 2021 में कुंभ मेला शुरू होने जा रहा है। कुंभ मेले की तैयारियों को लेकर छह महीने पहले ही पौड़ी जिले के स्वर्गाश्रम क्षेत्र में पुलिस प्रशासन के कैंप सज जाते थे, लेकिन इस बार स्वर्गाश्रम क्षेत्र में मायूसी छायी हुई है। अभी तक पुलिस प्रशासन की ओर से कुंभ मेले की कोई तैयारी नहीं दिख रही है।
थाना लक्ष्मणझूला निरीक्षक प्रमोद उनियाल ने बताया कि कुंभ मेले में इस बार संभवत: पुलिस प्रशासन की ओर से कैंप नहीं लग रहे हैं, पुलिस प्रशासन की जगह-जगह पीकेट व्यवस्था होगी। कोविड-19 के कारण जिले में पुलिस फोर्स की भी कमी है। मेले में जितनी फोर्स आएगी, उनके रहने की व्यवस्था स्वर्गाश्रम, लक्ष्मणझूला क्षेत्र में खाली पड़े आश्रम, होटल और धर्मशालाओं में की जाएगी। कोविड-19 के तहत इस बार बजट का भी अभाव है। जिसके कारण ऐसी संभावनाएं बन रही है।