पूर्व की तरह गंगा किनारे संतों के शिविर नहीं लगाए जाएंगे। इसमें सबसे बड़ा पेच यह है कि बैरागी अखाड़ों में संतों के ठहरने के लिए आश्रम और भूमि जैसे संसाधन नहीं हैं। पहले से ही बैरागी कैंप में इन अखाड़ों के संतों के शिविर लगाए जाते थे। ऐसे में अब मेला प्रशासन अखिल भारतीय अखाड़ा के साथ वार्ता के बाद बैरागी अखाड़ों की आवासीय सुविधा पर निर्णय लेगा।
कोविड महामारी के मद्देनजर गंगा किनारे संतों के शिविर नहीं लगाए जाएंगे। सभी संत अपने अखाड़ों, छावनियों और आश्रमों से गंगा स्नान के लिए जाएंगे। सभी अखाड़ों को संतों के लिए मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। बैरागी अखाड़ों के सतों के ठहरने की व्यवस्था के लिए शासन की गाइडलाइन और अखिल भारतीय अखाड़ा से वार्ता करने बाद निर्णय लिया जाएगा।
- दीपक रावत, कुंभ मेलाधिकारी