कोर्ट के आदेश अभी नहीं मिले हैं। जिससे इस पर कुछ कहा नहीं जा सकता है। वर्तमान में प्रदेश में आईसीएमआर के दिशानिर्देशों के अनुसार कोविड की आरटीपीसीआर जांच की जा रही है।
- डॉ. पंकज कुमार पांडेय, प्रभारी सचिव, स्वास्थ्य विभाग
हाईकोर्ट के कुंभ क्षेत्र में 50 हजार आरटीपीसीआर सैंपल जांच करने के आदेश की तुलना में हरिद्वार जिले में वर्तमान में औसतन पांच हजार से अधिक सैंपलों की जांच की जा रही है। सैंपल जांच की स्थिति निराशाजनक है। उम्मीद है कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद हरिद्वार में सैंपल जांच बढ़ेेगी। प्रदेश के लोगों और देश दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं की उम्मीदों पर सरकार खरा उतरने का काम करेगी।
- अनूप नौटियाल, अध्यक्ष, सोशल डेवलपमेंट फॉर कम्युनिटी फाउंडेशन
हरिद्वार जिले में सात दिन में सैंपल जांच पर एक नजर
दिन - सैंपल जांच
25 मार्च - 3934
26 मार्च - 5836
27 मार्च - 2636
28 मार्च - 7023
29 मार्च - 1934
30 मार्च - 2530
31 मार्च - 4081
उत्तराखंड में कोरोना का पहला मामला 15 मार्च को मिला था। उस समय प्रदेश में एक भी आरटीपीसीआर जांच लैब नहीं थी। वर्तमान में प्रदेश में आरटीपीसीआर जांच के लिए 23 कोविड लैब हैं। जिसमें आठ लैब सरकारी क्षेत्र की है। शेष निजी क्षेत्र की लैब हैं। प्रदेश में स्थापित इन लैबों की सैंपल जांच की क्षमता एक दिन में 50 हजार भी नहीं है।
कुंभ मेले के लिए 130 मीडिया कर्मियों को लगवाई वैक्सीन
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के निर्देश पर नगर निगम में कुंभ मेले की कवरेज के लिए पंजीकरण कराने वाले 130 मीडिया कर्मियों को कोविड-19 वैक्सीन लगवाई गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड की लड़ाई में मीडिया का अहम योगदान है।
कोविड के लिए जरूरी सावधानियों के प्रति जन जागरूकता में मीडिया की सकारात्मक भूमिका रही है। कुंभ मेला आयोजन से जुड़े लोगों को कोविड वैक्सीन लगाने की तैयारी की है।
कुंभ मेले के लिए कवरेज के लिए जाने वाले मीडिया कर्मियों को वैक्सीन लगाई जा रही है। नगर निगम में चल रहे टीकाकरण के दौरान सूचना महानिदेशक रणवीर सिंह चौहान ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया।