जैनपुर नागदा खालसा के महंत स्वामी शिवपाल दास को निर्मोही अखाड़ा का महामंडलेश्वर बनाया गया है। तीनों वैष्णव अणि अखाड़ा के सानिध्य में उनका पट्टाभिषेक हुआ।
अखिल भारतीय श्री पंच निर्मोही अणि अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत राजेंद्र दास ने कहा कि संत परंपरा सनातन संस्कृति की वाहक है। संतों का कार्य सदैव समाज को प्रेरणा देता है। स्वामी शिवपाल दास विद्वान संत हैं। अखिल भारतीय श्रीपंच निर्वाणी अणि अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत धर्मदास एवं अखिल भारतीय श्रीपंच दिगंबर अणि अखाड़े के श्रीमहंत कृष्णदास ने कहा कि संतों का जीवन निर्मल जल के समान होता है।
महामंडलेश्वर सांवरिया बाबा ने कहा कि संतों के तपोबल से भारत की पूरे विश्व में एक अलग पहचान है। नवनियुक्त महामंडलेश्वर स्वामी शिवपाल दास ने कहा कि जो दायित्व उन्हें वैष्णव समाज द्वारा सौंपा है उसका निष्ठा के साथ निर्वहन करेंगे।
देहरादून स्थित एक निजी अस्पताल में अखिल भारतीय श्री पंच निर्वाणी अखाड़े के महामंडलेश्वर कपिल देवदास (65) की मौत हुई है। महामंडलेश्वर कोविड जांच में संक्रमित पाए गए थे। उनको सांस में तकलीफ और बुखार की शिकायत थी।
श्री पंच निर्वाणी अखाड़े के वयोवृद्ध महामंडलेश्वर कपिल देव दास की मौत से बैरागी संत समाज सहित पूरी कुंभनगरी में सकते में है। 12 अप्रैल को महामंडलेश्वर का स्वास्थ्य अचानक बिगड़ गया था। उनको सांस लेने में परेशानी और बुखार की शिकायत थी। आननफानन महामंडलेश्वर के अनुयायियों ने उनको देहरादून स्थित कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया।
यहां कोविड जांच में महामंडलेश्वर पॉजिटिव पाए गए। 13 अप्रैल को महामंडलेश्वर का तबीयत ज्यादा खराब हो गई। डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बाद भी रात 10:30 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। इसके बाद महामंडलेश्वर के अनुयायी उनके शव को मध्य प्रदेश स्थित आश्रम में ले गए।
निर्वाणी अणि के एक संत की मंगलवार रात को देहरादून अस्पताल में मौत हुई है। संत की कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई थी। उनके संपर्क में आए संतों और अनुयायियों के कोविड जांच के लिए स्वैब सैंपल एकत्र करने के लिए छावनी में स्वास्थ्य विभाग की टीम को भेजा गया है।
-डॉ. एसके झा, सीएमओ, हरिद्वार