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हरिद्वार: मौन साधना पर बैठे पूर्व सीएम हरीश रावत, कहा- महाकुंभ तैयारी के नाम पर केवल रंगाई पुताई 

Thu, 03 Dec 2020 07:42 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार

सार

  • पूर्व सीएम ने कुंभ की तैयारियों को लेकर ली चुटकी
  • बोले, सरकार को वादा याद दिलाने के साथ हो गया था मेरा प्रायश्चित
  • अब त्रिवेंद्र रावत महाकुंभ के बेहतर आयोजन से करें प्रायश्चित
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के कुंभ कार्यों के निरीक्षण के साथ मौन साधना के लिए हरिद्वार पहुंचे पूर्व सीएम हरीश रावत ने महाकुंभ की तैयारियों पर चुटकी लेते हुए कहा कि महाकुंभ कार्यों के नाम पर केवल रंगाई, पुताई, खुदाई, उगाही और माल बनाई का काम हो रहा है।

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मुख्यमंत्री के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्होंने सरकार को उसका चुनावी वादा याद दिलाने के साथ ही प्रायश्चित कर लिया था। लेकिन त्रिवेंद्र सरकार ने एस्केप चैनल अध्यादेश को रद्द करने में साढ़े तीन साल का समय लगा दिया। उन्होंने कहा कि अब मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत महाकुंभ का बेहतर आयोजन कर अपनी गलती का प्रायश्चित करें।

उन्होंने कहा कि महाकुंभ का आयोजन राष्ट्र का एक महत्वपूर्ण आयोजन है। प्रदेश सरकार महाकुंभ के आयोजन और मेला क्षेत्र के विकास को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि अर्द्धकुंभ के कार्य अब तक नजर नहीं आ रहे हैं। हरिद्वार से  देवप्रयाग तक कोई बड़ा विकास कार्य या परिवर्तन नहीं दिख रहा है। हरीश रावत ने केंद्र सरकार को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पिछले कुंभ आयोजनों के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो प्रयागराज और उज्जैन महाकुंभ के मुकाबले हरिद्वार महाकुंभ को कोई बड़ी सहायता नहीं मिली।
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उन्होंने यह भी कहा एस्कैप चैनल अध्यादेश को लेकर सरकार कानों में तेल डालकर सोई थी। उन्होंने कहा कि वह पहले व्यक्ति थे जो अखाड़ों और श्री गंगा सभा से अपनी गलती के लिए माफी मांगते हुए सरकार से शासनादेश रद्द करने की मांग की थी। हरीश रावत ने कहा कि बहादराबाद से श्यामपुर तक एलिवेटेड पुल, कुंभ क्षेत्र विस्तार, गंगा परिक्रमा मार्ग, ऋषिकेश के एक नए पुल का निर्माण जैसे कार्य अभी बाकी हैं। उन्होंने कहा कि नालों की गंदगी के लिए रानीपुर रौ तक चैनल बनाने का प्रस्ताव दिया। लेकिन सरकार इस प्रस्ताव का अमलीजामा नहीं पहना पाई।

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मुख्यमंत्री स्वयं के बारे में बेहतर समझते हैं

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के ‘मुंह में राम बगल में छूरी’ वाले तंज को बेहद हल्के फुल्के अंदाज में लिया। हरीश रावत ने कहा कि त्रिवेंद्र सिंह रावत स्वयं के बारे में बेहतर समझते हैं।

98 फीसदी प्रगति तो नजर आएगी ही
मुख्यमंत्री के 98 प्रतिशत महाकुंभ कार्य पूरे होने के दावे पर हरीश रावत ने सवाल उठाए। हरीश रावत ने कहा कि जब कोई काम हुआ नहीं तो प्रगति 98 फीसदी ही नजर आएगी। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब आपकी कॉपी खाली है तो आप चाहे स्वयं को जितने नंबर दे दीजिए।

गंगा तट पर पूर्व सीएम ने की मौन साधना 
महाकुंभ के लिए पर्याप्त बजट नहीं देने का आरोप लगाकर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने गंगा किनारे किसान घाट पर एक घंटे तक मौन साधना की। इसके बाद हरकी पैड़ी पहुंचकर मां गंगा की पूजा अर्चना कर आशीर्वाद लिया। 

बृहस्पतिवार को हरिद्वार पहुंचे पूर्व सीएम कनखल स्थित श्री पंचायती बड़ा उदासीन अखाड़ा में संतों से भी मिले। हरीश रावत ने कहा कि महाकुुंभ के नाम पर सरकार केवल औपचारिकता निभा रही है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा शुक्रवार को हरिद्वार आ रहे हैं। उनकी अपील है कि नड्डा एक बार कुंभ कार्यों की स्थिति का भी अवलोकन करें। मेला क्षेत्र की समुचित व्यवस्थाओं और विकास के लिए मौजूदा बजट नाकाफी है।

इस दौरान पूर्व पालिकाध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी, पूर्व दर्जाधारी अरविंद शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री के ओएसडी पुरुषोत्तम शर्मा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष राव अफाक, रोशन लाल, पूर्व दर्जाधारी किरण वाल्मीकि, मनीष कर्णवाल, अनिल भाष्कर, कार्यकारी युवा जिलाध्यक्ष रवि बहादुर, युवा जिलाध्यक्ष अमरदीप रोशन, किसान कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सुंदर मनवाल, जिलाध्यक्ष दिनेश वालिया आदि उपस्थित रहे।
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