लगातार हो रहे विवाद के कारण पर जिला प्रशासन ने हरिद्वार के एक बड़े को आश्रम सील कर दिया है।
शहर के बीचोबीच पांच अरब की इस विवादित संपत्ति में 80 कमरे व इतनी ही दुकानें हैं। यहां रह रहे एक संत समेत 25 लोगों को सामान समेत खदेड़ दिया गया।
इस दौरान पुलिस और काबिज लोगों में जमकर नोकझोंक हुई। पांच जनवरी वर्ष 2013 को आश्रम के प्रमुख महंत स्वामी हंसप्रकाश ब्रह्मलीन हो गए थे।