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Uttarakhand: हरिद्वार जमीन घोटाला; राज्य के इतिहास में पद पर रहते हुए दूसरी बार कोई डीएम हुआ निलंबित

Wed, 04 Jun 2025 02:47 PM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

हरिद्वार नगर निगम ने ग्राम सराय में कूड़े के ढेर के पास अनुपयुक्त 2.3070 हेक्टेयर भूमि को करोड़ों रुपये में खरीदने पर सवाल उठने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रकरण की जांच के आदेश दिए थे। 
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Suspended - फोटो : Adobe Stock
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राज्य के इतिहास में दूसरी बार ऐसा हुआ है जब कोई डीएम पद पर रहते हुए निलंबित हुआ है। हरिद्वार डीएम से पहले 2003 में हुए पटवारी भर्ती घपले में पौड़ी के तत्कालीन डीएम को निलंबित किया गया था।

पटवारी भर्ती घपला : पौड़ी में वर्ष 2002 में पटवारी भर्ती हुई थी, जिसमें घपले की शिकायतें आईं थीं। जिन अभ्यर्थियों ने आवेदन ही नहीं किया था, उनका भी चयन पटवारी के लिए कर लिया गया था। मामले में तत्कालीन डीएम एसके लांबा की भूमिका पर सवाल उठे थे और सरकार ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। बाद में उन्हें बर्खास्त कर दिया गया था।

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 हरिद्वार में हुए जमीन घोटाले में सरकार ने मंगलवार को डीएम कर्मेन्द्र सिंह, तत्कालीन नगर आयुक्त वरुण चौधरी, तत्कालीन एसडीएम अजयवीर सिंह समेत सात अधिकारियों को निलंबित कर दिया था। इससे पहले पांच पर कार्रवाई हो चुकी है।

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सरकार ने जिन दो आईएएस को पहली बार फील्ड में बड़ी जिम्मेदारी दी, उनके दामन में बदनुमा दाग लग गया। आईएएस कर्मेन्द्र को बतौर डीएम पहली जिम्मेदारी और आईएएस वरुण चौधरी को बतौर नगर आयुक्त पहली बार बड़ी जिम्मेदारी मिली थीं।

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