बैठक जब अपने अंतिम दौर में थी अचानक अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी की तबीयत नासाज हो गई। उन्हें वीरचंद्र सिंह गढ़वाली सभागार के आराम कक्ष में ले जाया गया। कुछ देर आराम करने के बाद उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक उन्हें जौलीग्रांट अस्पताल ले जाया गया।
कोविड के कारण उत्पन्न समस्याओं का उस समय आभास नहीं था। पूरा विश्व इस संकट का सामना कर रहा है। इससे सभी स्तरों पर कार्यों की गति में अवरोध पैदा हुआ है। इस दौरे से भी हम निजात पाएंगे तथा संतों के आशीर्वाद से इस आयोजन को बेहतर तरीके से संपन्न कर पाएंगे। देश काल व परिस्थिति के अनुसार भी निर्णय लिया जाएगा। आगे स्थितियां कैसी होगी, इसका पूर्वानुमान लगाया जाना कठिन है।- त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री
कुंभ मेले के आयोजन में सभी अखाड़ों का सहयोग मिल रहा है। अखाड़ों की सुविधा के लिये भी सभी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। निर्माण कार्यों में तेजी लायी गई है। कोरोना के कारण इसकी गति कुछ धीमी जरूर हुई है।- मदन कौशिक, नगर नियोजन मंत्री
उज्जैन व प्रयाग राज कुंभ की भांति अखाड़ों को धनराशि व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए। अखाड़ों में साफ सफाई, अतिक्रमण हटाने, आवागमन व पेशवाई मार्ग निर्धारण, पुलों, घाटों के निर्माण में तेजी लाई जाए। अखाड़ों की ओर से पूरा सहयोग मिलेगा।- महंत नरेंद्र गिरी, अध्यक्ष, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद
ये भी रहे मौजूद
मेलाधिकारी दीपक रावत ने प्रस्तुतीकरण दिया। बैठक में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्री महन्त हरि गिरि, श्री महंत प्रेम गिरि, महन्त महेश पुरी, श्री महन्त सत्यगिरि, श्री महन्त कैलाशपुरी, श्री महन्त मुकुन्दानन्द ब्रह्मचारी, श्री महन्त सोमेश्वरानन्द ब्रम्हचारी, श्री महन्त ओंकार गिरि, श्री महन्त रविन्द्र पुरी व अन्य संत उपस्थित थे।