फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Haridwar: संतों, श्रद्धालुओं और शासन के सहयोग से भव्य होगा कुंभ, सभी अखाड़ों और आमजन की भूमिका अहम

Tue, 07 Apr 2026 12:47 PM IST
Renu Saklani संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार

सार

संतों, श्रद्धालुओं और शासन के सहयोग से भव्य कुंभ को भव्य बनाया जाएगा। सभी अखाड़ों और आमजन की भूमिका अहम होगी।
विज्ञापन
श्रीमहंत कौशलपुरी महाराज, परमाध्यक्ष श्रीकाल भैरव मंदिर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कुंभ हो या अर्धकुंभ यह बड़े आयोजन है। संत तो किसी भी श्रद्धालु के समागम का इंतजार करता है, क्योंकि भक्त भगवान का, श्रद्धालु संत का और सभी मिलकर कुंभ जैसे आयोजन का दर्शन पाना चाहते हैं। एक बात इसमें अहम है कि यदि शासन प्रशासन ही सनातन के आयोजन को प्राथमिकता के तौर पर भव्य बनाना चाहता है तो यह उत्सव संतों के लिए किसी बड़े समारोह से कम नहीं है।

विज्ञापन


सही बात तो यह है कि संत श्रद्धालुओं के भूखे होते हैं और अनुष्ठान किसी एक से नहीं बल्कि सर्व समाज और तिनके मात्र के सहयोग से भी पूरा होता है। बीते वर्षों में जब नागा सन्यास परंपरा में आया तो इसमें एक दो नहीं बल्कि कई अर्धकुंभ और पूर्ण कुंभ का दर्शन किया। श्रद्धालु साल दर साल बढ़ते जा रहे हैंं। इसमें युवाओं की भूमिका सर्वाधिक बढ़ी है।

कुंभ की भव्यता पहले भी थी आज भी रहेगी
अब जब सरकार ने यह निर्णय लिया है कि अर्धकुंभ को पूर्ण, भव्य और दिव्य बनाना है तो इसमें सभी अखाड़ों और सभी आमजन की भूमिका अहम है। कुंभ कुछ लेता नहीं है, बल्कि देता है। कुंभ के भव्य आयोजन से मानव अपने आप को पुण्य अर्जित करने के लिए जोड़ता है तो वहीं अन्य तमाम जीव भी इससे लाभान्वित होते हैंं।
विज्ञापन


समय के साथ बहुत बदलाव हुआ, लेकिन कुंभ की भव्यता पहले भी थी आज भी रहेगी। हाल ही में प्रयागराज के कुंभ ने यह स्पष्ट कर दिया कि सनातन प्रेमियों का मनोबल और उनकी आस्था दिन दूना और रात चौगुना बढ़ रही है।

ये भी पढ़ें...Uttarakhand: कांग्रेस में कौन शामिल होगा, कौन नहीं, हाईकमान करेगा इसका फैसला, बयानबाजी पर गोदियाल ने दी नसीहत
विज्ञापन


धर्मनगरी चाहे प्रयाग, उज्जैन, नासिक या हरिद्वार की बात की जाए तो ऐसे आयोजन के लिए दिल खोलकर रखते हैं। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज, और श्रीमहंत हरिगिरी महाराज के निर्देशन में सभी नागा सन्यासी पूरे मनोबल के साथ तैयार है। आयोजन बेहतर होगा इसमें कोई कोताही नहीं बरती जाएगी।

श्रीमहंत कौशलपुरी महाराज, परमाध्यक्ष श्रीकाल भैरव मंदिर
 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें