मामले उजागर होने के बाद कई कंपनियों के अधिकारियों ने शिकायत दर्ज करा सिंचाई विभाग से पूछा कि तमाम दस्तावेज होने के बावजूद उन्हें टेंडर प्रक्रिया से बाहर क्यों किया गया? इस पर अधिकारियों ने यह तर्क देकर बचाव किया कि जरूरी दस्तावेज नहीं लगाए गए हैं।
मुख्यमंत्री समेत आला अधिकारियों को सौंपे गए दस्तावेजों में ठेकेदारों का कहना है कि यदि प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए तो तमाम गड़बड़ियां उजागर हो सकती हैं। कुंभ मेले की महत्ता को देखते हुए वित्तीय घोटालों पर अभी से ही अंकुश लगाने का अनुरोध किया गया है।
प्रकरण संज्ञान में लाया गया है। इस संबंध में दस्तावेजों के साथ लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश जारी किए गए हैं। विभागीय अधिकारियों की समिति गठित की गई है। जांच समिति की रिपोर्ट में यदि अनियमितता सामने आती है तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- मुकेश मोहन, प्रमुख अभियंता एवं विभागाध्यक्ष।
कुंभ मेले से जुड़े तमाम निर्माण कार्यों के टेंडर में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है। निविदा शर्तों का कोई उल्लंघन नहीं किया जा रहा है। निर्धारित मानकों के तहत ही टेंडर जारी किए जा रहे हैं।
- शरद श्रीवास्तव, अधीक्षण अभियंता, सिंचाई विभाग