सरकार 13 अखाड़ों के संतों के लिए संत निवास, शौचालय, गेट समेत अन्य सभी मांग को पूरा करेगी। कुंभ को लेकर अखाड़ा परिषद की तरफ जो भी प्रस्ताव सरकार को भेजा जाएगा, उन्हें सरकार पूरी करेगी।
जिन अखाड़ों के पास अपनी भूमि उपलब्ध होगी, उन्हीं को बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार जल्द ही अखाड़ों के अधीन होने वाले कार्यों के लिए कार्यदायी संस्था तय करेगी।
गत वर्ष की तरह इस बार भी प्रदेश में छड़ी यात्रा होगी, लेकिन यात्रा में श्रद्धालुओं की सीमित संख्या रहेगी। यह यात्रा प्रदेश की सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। परंपरा के अनुसार जूना अखाड़े से पवित्र छड़ी यमुनोत्री, गंगोत्री होते हुए केदारनाथ, बदरीनाथ धाम जाती है। बदरीनाथ से यह छड़ी कुमाऊं मंडल के विभिन्न तीर्थ स्थलों से होते हुए वापस जूना अखाड़ा हरिद्वार पहुंचती और माया देवी मंदिर में प्रतिष्ठित की जाती है।