कुंभ की तिथि नजदीक आने के साथ कुंभ प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। बुधवार को धर्मध्वजा के लिए देहरादून के छिद्दरवाला के जंगल में मेला प्रशासन ने साल के पेड़ों को चिह्नित कर लिया है। अब अखाड़ों के संत वहां जाकर पेड़ों का चयन कर पूजा-अर्चना करने के बाद लाएंगे।
अखाड़ों के संत मेला प्रशासन से धर्मध्वजा की लकड़ी देने के लिए बीते दो सप्ताह से मांग कर रहे थे। मेलाधिकारी दीपक रावत ने बुधवार को अपर मेला अधिकारी हरबीर सिंह के नेतृत्व में टीम को पेड़ों के चयन के लिए देहरादून के छिद्दरवाला जंगल भेजा।
टीम ने जंगल में साल के कई पेड़ों को चिह्नित किया। अपर मेलाधिकारी हरबीर सिंह ने बताया कि चिह्नित पेड़ों को देखने के लिए अखाड़ों के संत वहां जाएंगे। उन्होंने बताया कि सभी अखाड़ों के संतों को इसकी जानकारी दे दी गई है। टीम में देहरादून वन प्रभाग के एसडीओ भरत सिंह मर्तोलिया और रेंजर महेंद्र सिंह भी शामिल रहे।
मेलाधिकारी दीपक रावत ने संतों के साथ बैरागी कैंप क्षेत्र में कुंभ की व्यवस्थाओं की तैयारियों का जायजा लिया। मेलाधिकारी ने कहा कि कुंभ की अधिसूचना जारी होने से पहले ही सभी कार्य पूरे हो जाएंगे।
बुधवार को निरीक्षण में शामिल अखिल भारतीय श्रीपंच निर्मोही अणि अखाड़ा के बाबा हठयोगी ने मेलाधिकारी से कहा कि पिछले महाकुंभ में क्षेत्र में घाट बना था और टेंट लगाए गए थे। क्षेत्र में छह बाग हैं और इनमें अस्थायी अतिक्रमण हो गया है।
मेलाधिकारी ने कुंभ प्रशासन के अधिकारियों से तत्काल अतिक्रमण हटाकर 2010 कुंभ की तर्ज पर समतलीकरण कराने के निर्देश दिए। बाबा हठयोगी ने कहा कि क्षेत्र में शौचालय, बिजली, पानी आदि की व्यवस्था होनी हैं। हाईमास्ट लाइट लगनी हैं। मेलाधिकारी ने कहा कि सभी व्यवस्थाएं जल्द हो जाएंगी।
मुकदमा दर्ज करने के निर्देश
बैरागी कैंप में निरीक्षण के दौरान मेलाधिकारी ने देखा कि कब्जे करने वाले वाले को बिजली का कनेक्शन दिया गया है। बिजली का यह तार नंगा था और कोई दुर्घटना हो सकती थी। मेलाधिकारी ने ऊर्जा निगम के अधिकारियों को संबंधित व्यक्ति के खिलाफ दूसरों की जान जोखिम में डालने का मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण में शामिल संत एवं अधिकारी
बैरागी कैंप निरीक्षण में अपर मेलाधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, हरवीर सिंह, एमएनए जय भारत सिंह, उप मेलाधिकारी अशुल सिंह, दयानंद सरस्वती, किशन सिंह नेगी, डीएफओ नीरज कुमार, एसडीएम कुंभ प्रेमलाल, मायादत्त जोशी, विशेष कार्याधिकारी कुंभ मेला महेश शर्मा, अखिल भारतीय श्रीपंच निर्मोही अनि आखाड़ा के श्रीमहंत विष्णुदास, महंत बिहारी शरण, महंत राजेश्वर शरण, महंत प्रेमदास, महंत हितेशदास, महंत शत्रुघ्नदास, महंत मुरारी शरण मौजूद रहे।