कुंभ मेले में स्नान के बाद दूसरे प्रदेशों को लौटने वाले श्रद्धालुओं को रेलवे के बनाए टेंटों में ठहरना होगा। रेलवे परिसर में अलग-अलग रंगों के आठ टेंट बनाए जाएंगे। रंगों के हिसाब से अलग-अलग राज्यों के यात्रियों को इनमें होल्ड कराया जाएगा।
एक आश्रय स्थल में करीब 500 यात्री तक ठहर सकेंगे। यात्री स्नान करने के बाद आश्रय स्थलों पर जाएंगे और वहीं से रेलवे के कर्मचारी उनको ट्रेनों की जानकारी देंगे। आश्रय स्थलों के पास डिस्प्ले बोर्ड भी लगाए जा रहे हैं।
आश्रय स्थल तक पहुंचने वाले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग भी होगी। सीसीटीवी से सभी आश्रय स्थलों की निगरानी रखी जाएगी। जबकि स्नान के लिए आने वाले यात्री ट्रेनों से सीधे उतरने के बाद स्टेशन से बाहर आ जाएंगे।
स्टेशन परिसर में आठ अलग-अलग रंगों के आश्रय स्थल (टेंट) बनाएं जा रहे हैं। टेंट के रंगों के हिसाब से अलग अलग स्टेशनों को जाने वाले यात्रियों को ठहराया जाएगा। हालांकि, अभी रंगों के आधार पर स्टेशनों का निर्धारण नहीं हुआ है।