इसके साथ ही यदि कोविड की स्थिति काबू में रही तो कुंभ का स्वरूप भी बड़ा हो सकता है। हालांकि, तैयारियां इसके लिए भी सभी गाइडलाइन को ध्यान में रखते हुए ही की जा रही हैं। कुंभ में स्नान घाटों को भी सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखकर ही .तैयार कराया गया है।
मास्क, सैनिटागइजेशन आदि कीव्यवस्था भी अलग से कर ने की तैयारी प्रशासनिक अमले की है। पिछले दिनों पुलिस मुख्यालय ने शुरूआती तौर पर फोर्स की तैनाती भी हरिद्वार जनपद में कर दी थी। यह फोर्स शुरू से लेकर अंत तक वहां पर मौजूद रहेगी।
कुंभ के स्वरूप को लेकर पुलिस के आला अधिकारियों का यही कहना है कि यदि कोविड की स्थिति बेकाबू होती है तो आगामी स्नान भी रद्द किए जा सकते हैं। यह सब शासन के अधिकारियों के साथ मिलकर ही तय किया जाना है। हाल में कार्तिक पूर्णिमा का स्नान भी इसी के चलते रद्द किया गया है।
कोविड की स्थिति यदि इसी तरह से रही तो आगामी स्नान को लेकर भी कम ही संभावनाएं हैं। हालांकि, अभी इस पर विचार किया जा रहा है कि किस तरह से तैयारियां होनी हैं। इतना साफ है कि कोविड की स्थिति ही कुंभ के स्वरूप को तय करेगी।
- अशोक कुमार, डीजी (लॉ एंड ऑर्डर)