पूर्व विधायक रविदासाचार्य सुरेश राठौर की ओर से भूपतवाला में गंगा स्वरूप जयराम आश्रम में संत श्री गुरु रविदास कथा का आयोजन किया गया। कथा 29 से 31 अक्तूबर तक चली। सोमवार को कथा के समापन पर पूर्व विधायक ने श्री गुरु रविदास अखाड़े की घोषणा कर दी।
हरिद्वार के ज्वालापुर से भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर ने श्री गुरु रविदास अखाड़ा बनाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि वह कुंभ में निरंजनी अखाड़े के साथ विशेष गंगा स्नान करेंगे। अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि और श्रीमहंत रविंद्रपुरी से उन्होंने सहयोग देने के लिए निवेदन भी किया है।
विज्ञापन
पूर्व विधायक रविदासाचार्य सुरेश राठौर की ओर से भूपतवाला में गंगा स्वरूप जयराम आश्रम में संत श्री गुरु रविदास कथा का आयोजन किया गया। कथा 29 से 31 अक्तूबर तक चली। सोमवार को कथा के समापन पर पूर्व विधायक ने श्री गुरु रविदास अखाड़े की घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि अखाड़े में गृहस्थ जीवन छोड़कर आने वाले लोगों लिया जाएगा। यह अखाड़े देश-दुनिया में काम करेगा।
उन्होंने कहा कि महाकुंभ और अर्द्धकुंभ आदि स्नानों में निरंजनी अखाड़े के साथ वह स्नान करेंगे। उन्होंने कहा कि निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि और श्रीमहंत रविंद्रपुरी का आशीर्वाद उनके साथ है। इस दौरान विभिन्न प्रदेशों के संत मौजूद रहे। लेकिन धर्मनगरी से कोई बड़े संत शामिल नहीं थे। उन्होंने अखाड़े में नंबर दो पर वन विभाग से सेवानिवृत्त और भ्रष्टाचार के आरोप झेल रहे अधिकारी को रखा है।
अखाड़े के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश राठौर स्वयं हैं। अखाड़े का राष्ट्रीय महामंत्री वन विभाग से डीएफओ के पद से सेवानिवृत्त किशनचंद को बनाया गया है। इससे अखाड़े बनाने को लेकर चर्चा का बाजार गर्म है। अखाड़े में सूरजभान को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और डॉ. योगेंद्र सिंह को राष्ट्रीय सचिव नियुक्त किया गया है।
अखाड़े 13 हैं और 13 ही रहेंगे। कोई व्यक्ति अखाड़े के नाम से संस्था बनाता है तो बनाए। लेकिन उसे 14वें अखाड़ा का दर्जा नहीं मिल सकता है। देश में 13 अखाड़े ही हैं। कोई व्यक्ति संस्था बनाकर किसी भी अखाड़े के साथ कुंभ में स्नान कर सकता है।
- श्रीमहंत रविंद्रपुरी, अध्यक्ष अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (निरंजनी)