नौ अगस्त से लापता चल रहे देहरादून के कार चालक का शव चिड़ियापुर कोटावाली नदी के पास पूर्वी गंगनहर से कार के अंदर से बरामद कर लिया गया है। कार चालक आठ अगस्त को देहरादून से बरेली सवारी छोड़ने गया था। आठ अगस्त की देर रात को वापस देहरादून के लिए चला। घर नहीं पहुंचने पर उसकी गुमशुदगी दर्ज करवाई गई थी। आशंका जताई जा रही है कि देहरादून लौटते समय कार गंगनहर में गिर गई और पानी अधिक होने पर पर पता नहीं चला। नहर बंद करवाने के बाद पुलिस को कार दिखाई दी।
उत्तर प्रदेश बलिया के खरोली निवासी शिवजी (55) देहरादून की फ्रेंड्स कालोनी में रहकर एक ट्रेवल एजेंसी की कार चलाते थे। आठ अगस्त को वह देहरादून से बरेली कीसवारी लेकर गए। देर रात शिवजी ने बरेली से वापस चलने की बात कही थी। नौ अगस्त को वापस नहीं आया तो उसकी तलाश शुरू हुई। कार मालिक शकुंतला ने देहरादून की नेहरू कालोनी की जोगीवाला पुलिस चौकी में चालक के कार समेत गायब होने की सूचना दी।
डीआईजी अरुण मोहन जोशी ने चालक की तलाश के लिए एसपी सिटी श्वेता चौबे के निर्देशन में टीम बनाई। पुलिस ने काल डिटेल निकाली तो पता चला कि शिवजी का फोन बरेली में ही बंद हो गया था। इसके बाद हाईवे के सीसीटीवी कैमरे को देखा गया तो कार नजीबाबाद रोड तक आती नजर आई। श्यामपुर के पास लगे कैमरों में कार आती नजर नहीं आई। देहरादून पुलिस ने श्यामपुर पुलिस के साथ पूर्वी गंगनहर का निरीक्षण किया, लेकिन पानी अधिक होने के कारण कुछ पता नहीं चला। रविवार को सिंचाई विभाग के अधिकारियों से वार्ता करके पूर्वी गंगनहर को बंद कराया गया। पानी कम होते ही कार दिखाई दी। शिवजी का शव कार के अंदर ही था। श्यामपुर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया।
श्यामपुर थानाध्यक्ष दीपक कठैत ने बताया कि इस बात की आशंका है कि रात में वापस आते समय झपकी आने के कारण चालक कार समेत गंगनहर में गिर गया। उन्होंने बताया कि पानी कम होने पर कार रविवार रात को ही दिखाई देने लगी थी, अंधेरा होने के कारण शव को नहीं निकाला जा सका था। सोमवार सुबह शव को निकाला गया।