अंकित की हत्या उसी के साथ कंपनी में काम करने वाले साथी सुनील मिश्रा निवासी गोला गोकर्णनाथ लखीमपुर खीरी यूपी ने की। हत्या के बाद वह अपने गांव भाग गया था।
हरिद्वार में तीन माह पहले सिडकुल में हुए अंकित हत्याकांड का पुलिस ने सोमवार को खुलासा कर दिया है। अंकित की हत्या उसी के दोस्त सुनील मिश्रा ने की थी। दोनों सिडकुल में एक ही कंपनी में काम करते थे। हत्या की वजह पांच हजार रुपये का लेनदेन था। पुलिस ने आरोपी दोस्त को गिरफ्तार कर लिया है।
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सीओ सदर बहादुर सिंह चौहान ने बताया कि 13 जून की रात लेबर चौक सिडकुल में अंकित निवासी अमरोहा की चाकू से गोदकर हत्या की गई थी। अंकित सिडकुल की एक फैक्टरी में नौकरी करता था।
अंकित के परिजन रमेश की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने कई संदिग्धों से पूछताछ की, लेकिन असली हत्यारे तक पहुंचने में सीसीटीवी फुटेज मददगार बनी। सीसीटीवी फुटेज से पुलिस असली हत्यारे तक पहुंची और उसे दबोच लिया।
सीओ ने बताया कि अंकित की हत्या उसी के साथ कंपनी में काम करने वाले साथी सुनील मिश्रा निवासी गोला गोकर्णनाथ लखीमपुर खीरी यूपी ने की। हत्या के बाद वह अपने गांव भाग गया था। पुलिस ने रविवार को सुनील मिश्रा को सिडकुल थाने में पूछताछ के लिए बुलाया था।
सख्ती से पूछताछ करने पर सुनील मिश्रा ने हत्याकांड का राज उगल दिया। सीओ ने बताया कि आरोपी और अंकित सिडकुल की एक ही कंपनी में काम करते थे। मई माह में सुनील ने अंकित को पांच हजार रुपये उधार दिए थे। अंकित ने एक माह बाद रुपये लौटाने का वादा किया था।
सुनील ने बताया कि अंकित रुपये लौटने को राजी नहीं था। कई बार उसे टोका, लेकिन उसने देने से मना कर दिया। इस बात को लेकर उनके बीच झगड़ा हुआ। मौका पाकर उसने अंकित की चाकू से गोदकर हत्या कर दी और वहां से भाग निकला। सीओ सदर बहादुर सिंह चौहान ने बताया कि आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है।