एसएसपी के मुताबिक, हेमेंद्र और शारुफ की पहले से ही जान पहचान थी। घर आने जाने के दौरान रिंकी और शारुफ के बीच नजदीकियां बढ़ गईं। एक दिन हेमेंद्र ने दोनों को रंगेहाथों पकड़ा भी था, जिस पर दोनों के बीच बहस हुई। एसएसपी ने बताया कि इसके बाद ही रिंकी और शारुफ ने हेमेंद्र को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
11 मार्च की शाम को शारुफ ने हेमेंद्र को दावत देने के बहाने बुलाया और ट्रक में बैठाकर भगवानपुर लेकर गया। पहले उसे शराब पिलाई और फिर रस्सी से गला घोटकर हत्या कर दी। शव को छिपाने के लिए ट्रक से सहारनपुर लेकर गया। वहां मजोल और कपूरी गांव के बीच नई नहर में शव को बहा दिया। खुलासे के दौरान सीओ ज्वालापुर निहारिका सेमवाल, सिडकुल थाना प्रभारी रमेश सिंह तनवार मौजूद रहे।
सहारनपुर पुलिस ने लावारिस में किया अंतिम संस्कार
एसएसपी अजय सिंह के मुताबिक, सहारनपुर के ग्राम शिमलाना स्थित नहर से थाना बडगांव पुलिस ने 19 मार्च को हेमेंद्र का शव बरामद किया था। तीन दिन से अधिक का बीतने के बाद भी शिनाख्त न होने पर पुलिस ने लावारिस में अंतिम संस्कार कराया। बताया कि शारूफ के खुलासे के बाद हरिद्वार सिडकुल पुलिस ने सहारनपुर पुलिस से संपर्क किया। बडगांव थाना पुलिस से संपर्क करने पर कपड़े और अन्य सामान की परिजनों ने हेमेंद्र के रूप में पहचान की।
11 पुलिसकर्मियों की टीम ने खोला राज
सिडकुल थाना प्रभारी रमेश सिंह तनवार के नेतृत्व में एसएसआई शहजाद अली, विवेचक देवेंद्र सिंह चौहान सहित 11 पुलिसकर्मियों की टीम मामले की जांच में जुटी थी। वहीं, पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त रस्सी, मृतक का मोबाइल फोन, ट्रक की प्लेट को बरामद किया है।