इसी दौरान मूल रूप से कोलकाता की रहने वाली किशोरी के परिजन से उसी व्यक्ति ने पुलिसकर्मी बनकर संपर्क साधकर किशोरी के हरिद्वार में होने की जानकारी दी। किशोरी जिस किशोर के साथ यहां आई थी, वह उसके जीजा का भाई ही था। इसलिए परिजन ने रिश्तेदारों से संपर्क किया, तब उन्हें युगल के फरार होने की बात पता चली। परिजन ने रिश्तेदारों को कॉल कर रहे शख्स का नंबर उपलब्ध कराया। इसके बाद बाद जीआरपी ने मोबाइल फोन नंबर मिलने पर किशोरी को 15 जून की रात को देहरादून के डोबाल वाला पथरिया पीर से खोज लिया। उस घर से एक अन्य किशोरी भी मिली। पूछताछ में पता चला कि उक्त व्यक्ति ने किशोरी का अपहरण कर यहां लाया था और डरा धमकाकर उसके साथ दुष्कर्म कर रहा था। विरोध करने पर हत्या की धमकी दे रहा था।
बहराइच की एक और किशोरी भी बरामद
एसपी रेलवे सरिता डोबाल ने बताया कि एसओ अनुज सिंह की अगुवाई में आरोपी अर्जुन सिंह राणा निवासी डोबाल वाला पथरिया पीर देहरादून को भी रविवार देर शाम गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी बहराइच की किशोरी का भी रेलवे स्टेशन से अपहरण कर यहां लाया था। एक माह से उसके साथ भी दुष्कर्म कर रहा था। किशोर के पिता की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ किशोरी को बंधक बनाकर दुष्कर्म, हत्या की धमकी देने, पोक्सो ऐक्ट समेत प्रभावी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। कोर्ट में पेश कर उसे जेल भेज दिया है। बहराइच पुलिस से भी संपर्क किया गया है।