दोनों सिडकुल स्थित अमन मेटल कंपनी में मई 2022 में आए। दोनों ने झांसा दिया कि उनकी फर्म सरस्वती प्रिंटर्स स्थित ओखला इंडस्ट्रियल एरिया फेस-1 नई दिल्ली पर बहुत कर्ज हो गया। उन्हें सहयोग की जरूरत है। छह करोड़ मई 2023 तक दे देंगे तो वह अपनी फर्म में 50 फीसदी की साझेदारी उनकी बना देंगे। मई 2022 से मई 2023 तक अलग-अलग खातों से कुल छह करोड़ 14 लाख 6 हजार 500 रुपये दंपती की फैक्टरी के खाते में ट्रांसफर कर दिए।
आरोप है कि दोनों ने विश्वास में लेने के लिए अपनी फर्म में मार्केटिंग व बिजनेस हेड उन्हें बनाया। फिर वेतन तय कर दिया। पैसे मांगे तो विकास ने अकाउंटेंट रणधीर झा से एक सादे कागज पर हिसाब बनाया और हस्ताक्षर किए। पड़ताल में पता चला कि धोखे की नीयत से बदलकर हस्ताक्षर किए हैं। आरोप है कि 22 मई को विकास और उसके साथी अनिल बाली ने उद्यमी को रकम वापस मांगने पर अपहरण कराकर हत्या कराने की धमकी दी। थाना प्रभारी मनोहर सिंह भंडारी ने बताया कि चार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।