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‘मुख्य सेवक जन चौपाल’: गाजीवाली कहने पर सीएम ने जताया एतराज, कहा- संबोधन से लेकर लेखन में कहें आर्यनगर

Mon, 16 Feb 2026 09:17 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार

सार

Haridwar News: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब वह घोषणा कर चुके हैं तो शासनदेश की चिंता न करें। उनके इस आशय में यह भी शामिल था कि प्रशासनिक स्तर से भी लेखन में आर्यनगर ही लिखा जाए।
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सीएम धामी - फोटो : सूचना विभाग
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विस्तार
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सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को श्यामपुर के गाजीवाली (परिवर्तित नाम आर्यनगर) में मुख्य सेवक जन चौपाल में फिर से स्पष्ट कर दिया कि नाम परिवर्तन हो चुका है। उन्होंने न केवल वक्ताओं को बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों को भी संबोधन से लेकर लेखन तक में परिवर्तित नाम आर्यनगर का जिक्र करने के निर्देश दिए। उन्होंने अपने से पूर्व कई वक्ताओं की ओर से आयोजन स्थल को गाजीवाली कहने पर ऐतराज जताया।

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब वह घोषणा कर चुके हैं तो शासनदेश की चिंता न करें। उनके इस आशय में यह भी शामिल था कि प्रशासनिक स्तर से भी लेखन में आर्यनगर ही लिखा जाए। उन्होंने कहा कि शासनादेश की चिंता शासन के अधिकारियों की है, फिलहाल वह गाजीवाली की जगह आर्यनगर कर चुके हैं। सीएम से पूर्व स्वामी यतीश्वरानंद और महामंडलेश्वर हरिचेतनानंद गिरी समेत कई वक्ता बोल चुके थे। उनके संबोधन में बार-बार गाजीवाली का जिक्र किया जा रहा था।

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किसी भी तरह का जिहाद नहीं चलेगा

सीएम ने कहा कि लैंड जिहाद, थूक जिहाद, यूसीसी, नकल विरोधी कानून जैसे निर्णय लिए गए इसी तरह आतातायियों के नाम से कोई पहचान अब राज्य में नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि राज्य में किसी प्रकार से ऐसी गतिविधियों को पनपने नहीं दिया जाएगा जो यहां की संस्कृति और यहां के संस्कार को विरुपित करें। सीएम धामी ने यूसीसी के तहत लिव इन रिलेशन में पंजीकरण पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि दिल्ली में एक बेटी के टुकड़े किए गए और उसे फ्रीज में डाला गया।

परिवार के लोगों को यह तक भनक नहीं लगी कि उनकी बेटी किसी ऐसे हाथ में है जो मानव नहीं बल्कि दानव है। सीएम धामी ने कहा कि ऐसी बेटियों की सुरक्षा के लिए यूसीसी के तहत रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया। इससे परिजनों को पता तो चले कि वह किसके साथ और किस रिलेशन में रह रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष अनुग्रह का जिक्र किया और कहा कि उनकी निगाह इस राज्य पर है। वह दिन दूर नहीं जब देश में सबसे विकसित राज्य के रूप में उत्तराखंड की पहचान होगी।
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