विवादित ढांचा गिराने के प्रकरण में फरार चल रहे एक आरोपी के हरिद्वार में साधु बनकर छिपे होने की बात सामने आ रही है। सीबीआई लखनऊ की एक टीम आरोपी की खोजबीन में गोपनीय स्तर से जुटी हुई है, हालांकि हरिद्वार पुलिस को इसकी भनक दूर दूर तक नहीं है।
वर्ष 1992 में अयोध्या में विवादित ढांचा ढहाया गया था। उस वक्त कार सेवकों पर मुकदमे दर्ज हुए थे, जिनकी जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी। आरोपियों में यूपी के आजमगढ़ का एक आरोपी ओमप्रकाश भी शामिल है, जिसे सीबीआई कोर्ट लखनऊ तलब कर चुकी है, लेकिन उसका अता पता नहीं है न ही वह कोर्ट पर पेशी पर पहुंचा था।
चूंकि सीबीआई ने इस प्रकरण की जांच की थी, लिहाजा सीबीआई की टीम ही आरोपी ओमप्रकाश पांडे की खोजबीन में जुटी है। सीबीआई की पड़ताल में यह सामने आया है कि ओमप्रकाश पांडे हरिद्वार में कई वर्ष से साधु बनकर रह रहा है, लेकिन वह कौन से आश्रम में है और फिलहाल किस नाम से रह रहा है यह सीबीआई को नहीं पता है।
यह सब जानकारी जुटाने के लिए सीबीआई की एक टीम हरिद्वार में गोपनीय स्तर से जुटी हुई है। बताया जा रहा है कि आरोपी के गैर जमानती वारंट भी हो चुके हैं। नगर पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय ने बताया कि इस संबंध में सीबीआई ने संपर्क नहीं किया है।