सोलर सिटी के रूप में विकसित करने के लिए देश के 26 शहरों का मास्टर प्लान तैयार कर लिया गया है।
जल्द ही इन शहरों को सोलर सिटी बनाने की दिशा में काम शुरू हो जाएगा। इनमें उत्तराखंड से हरिद्वार और चमोली शामिल हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश व हरियाणा के शहर भी शामिल हैं।
नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) ने देश के 60 शहरों को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने के लिए स्कीम शुरू की थी। स्कीम के तहत 48 शहरों का चयन किया गया। इनमें से 44 शहरों के लिए मास्टर प्लान तैयार हो रहा था।
एमएनआरई के मुताबिक इन 44 में से अब तक 26 शहरों के मास्टर प्लान को अंतिम रूप दे दिया गया है। यह काम छह साल से चल रहा था। वर्ष 2009 में मास्टर प्लान बनाने के लिए एमएनआरई ने सलाहकारों की नियुक्ति की थी। यूपी के आगरा व मुरादाबाद, हरियाणा के फरीदाबाद व गुड़गांव, हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर और शिमला के अलावा चंडीगढ़ का मास्टर प्लान तैयार हो चुका है।
एमएनआरई के मुताबिक असम, छत्तीसगढ़, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मिजोरम, नागालैंड, उड़सी, तमिलनाडु व पश्चिम बंगाल के शहरों के लिए भी मास्टर प्लान तैयार कर लिया गया है। एमएनआरई के मुताबिक इनमें से नागपुर, चंडीगढ़, गांधीनगर व मैसूर को मॉडल सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा।
मॉडल सोलर सिटी के रूप में देश भर में आठ शहरों को विकसित किया जाना है। सभी मॉडल सोलर सिटी को विकसित करने के लिए एमएनआरई की तरफ से 9.5 करोड़ रुपए की सहायता राशि दी जाएगी। सोलर सिटी विकसित करने का मुख्य मकसद पारंपरिक ऊर्जा की खपत में 10 फीसदी तक की कटौती करना है।